समरसता और सोहार्द के प्रतीक हजरत सैयद चार पीर बाबा के 42 वें उर्स के पावन अवसर पर शहर में आस्था और सोहार्द का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है।
अकीदत के फूल पेश करते जायरीन
बीकानेर, राजस्थान। समरसता और सोहार्द के प्रतीक हजरत सैयद चार पीर बाबा (र.आ) का 42वां उर्स जुम्मेरात के दिन विशेष रूप से क़ुरआन ख़्वानी के साथ पूरी भव्यता के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर दरगाह खादिम अहमद अली, सर्व समाज मित्र एकता सेवा समिति के संरक्षक सुनील दत्त नागल, बीजेपी नेता सोहनलाल चांवरिया, सैय्यद अख्तर, शाकिर हुसैन चौपदार, सतार अहमद, मुनीर अहमद, अबरार अहमद, याकुब अली, आमिर खान, इंतजामिया कमेटी सैय्यद चार पीर बाबा दरगाह के प्रवक्ता रजाक अहमद अब्बासी, रामकिशोर यादव सहित अन्य महिला जायरिन मौजूद रहीं। अली मोहम्मद अब्बासी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार चार पीर बाबा उर्स के दौरान सभी समुदायों के लोग आपसी भाईचारे की मिसाल पेश कर रहे हैं।
इस दौरान गुरुवार की शाम को दरगाह कमेटी के सचिव अली मोहम्मद अब्बासी ने प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी साझा करते हुए बताया कि उर्स के दूसरे शुक्रवार की सुबह 9 बजे क़ुरआन ख़्वानी व ज़ुहर की नमाज़ के बाद 4 बजे खान कॉलोनी दरगाह सूफी अब्दुल वाहिद चिश्ती द्वारा विशेष चादर पेश की जाएगी। इस चार पीर बाबा उर्स के पावन दिनों में विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों और मजार पर अकीदत के फूल पेश करने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। देश भर से आने वाले तमाम जायरीन यहाँ पहुंचकर अमन और चैन की दुआ मांग रहे हैं जिससे पूरे इलाके में रूहानी सुकून और अध्यात्म का एक बहुत ही खूबसूरत माहौल बन गया है।
प्रशासन और कमेटी के सहयोग से इस बार चार पीर बाबा उर्स के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तमाम प्रकार की बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आयोजकों ने बताया कि शनिवार और रविवार को भी कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शिरकत करेंगे। इस प्रकार यह चार पीर बाबा उर्स आपसी सौहार्द प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हुए सभी लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बना रहा है और हर तरफ इसकी खूब चर्चा हो रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक आयोजनों और उर्स मेले से जुड़े तथ्य दरगाह कमेटी और प्रतिनिधियों द्वारा प्रदान किए गए विवरण के अनुरूप हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।