भीलवाड़ा में महर्षि दधीचि जयंती के उपलक्ष में आयोजित पखवाड़े के दौरान बच्चों के लिए विशेष कविता प्रतियोगिता का भव्य आयोजन हुआ।
प्रतियोगिता में चमका बच्चों का हुनर
भीलवाड़ा, राजस्थान। महर्षि दधीचि जयंती के उपलक्ष में आयोजित जयंती पखवाड़े के अंतर्गत आज महर्षि दधीचि आश्रम में जिला दाधीच मंडल और युवा दाधीच प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में 3 से 10 वर्ष के बालक और बालिका वर्ग की कविता प्रतियोगिता हुई। युवा प्रकोष्ठ के सांस्कृतिक मंत्री सी.पी. शर्मा की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रुप 1 में 3 से 10 वर्ष के बालक और बालिका प्रकृति और पर्यावरण और देशभक्ति विषय पर कविता प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया साथ नन्हे मुन्नों बच्चों ने भी भाग लिया। ग्रुप 2 में 11 से 16 वर्ष के बच्चों ने देशभक्ति विषय पर कविता प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम जिला दाधीच मंडल के अध्यक्ष राजमल जी जोशी के सानिध्य में संपन्न हुआ जिसमें समाज के तमाम गणमान्य लोग और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर महामंत्री सत्यदेव त्रिपाठी युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष कुश आचार्य राजेश तिवारी डॉक्टर राजश्री रतावा अर्पिता दाधीच आशा दाधीच संगीता रतावा लोकेश भट्ट अमित व्यास आदित्य ओझा वीरेंद्र शर्मा नीरज दाधीच रोहित दाधीच राकेश दाधीच अक्षय कंठ लव आचार्य नारायण दाधीच जितेंद्र दाधीच सहित तमाम समाजजन मौजूद रहे। आगे अमित व्यास ने बताया की 18 सितंबर को दधीचि जयंती के उपलक्ष में दाधीच समाज द्वारा विशाल वाहन रैली निकाली जाएगी जिसके बाद रात्रि में भव्य भजन संध्या का कार्यक्रम रखा गया है।
इस शानदार आयोजन से पूरे क्षेत्र में एक अलग ही धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह देखने को मिल रहा है जिससे बच्चों का मनोबल काफी ज्यादा बढ़ गया है। समाज के लोगों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से हमारी युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और संस्कारों से मजबूती के साथ जुड़ी रहती है और उनका सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होता है। सभी ने आने वाले कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का संकल्प लिया है जिससे इस दधीचि जयंती का पूरा उत्सव ऐतिहासिक और बेहद यादगार बनता जा रहा है और हर तरफ इसकी सफलता की खूब चर्चा हो रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों से जुड़े तथ्य प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों द्वारा प्रदान किए गए विवरण के अनुरूप हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।