राजस्थान

ग्लासगो से ऑक्सफोर्ड तक पहुंची कोटा कोचिंग की सफलता 

देश भर में अपनी मजबूत पहचान बना चुके कोटा कोचिंग के बढ़ते प्रभाव और इसकी बाजार गतिशीलता पर अब अंतरराष्ट्रीय अकादमिक जगत में भी गंभीर विमर्श शुरू हो गया है।

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नूरिया रहमान

कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। देश दुनिया में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुके कोटा कोचिंग के इस दौर पर अब वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है। कोटा की निजी कोचिंग व्यवस्था की बाजारगतिशीलता, बदलते स्वरूप और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर किया गया एक महत्वपूर्ण शोध ग्लासगो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया है। ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नूरिया रहमान ने यूनाइटेड किंगडम के यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में आयोजित बीएआईसीई कॉन्फ्रेंस 2026 में अपना यह शोध-पत्र प्रस्तुत कर कोटा कोचिंग को वैश्विक अकादमिक चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।

वैश्विक विमर्श

3 से 5 सितंबर के दौरान आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में डॉ. नूरिया रहमान ने मार्केट डायनेमिक्स ऑफ द प्राइवेट कोचिंग इंडस्ट्री विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। इस शोध में कोटा कोचिंग को भारत में निजी कोचिंग उद्योग की बदलती बाजारगतिशीलता को समझने के एक बहुत ही महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा गया है। कोटा की कोचिंग व्यवस्था से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण सवालों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखते हुए शोध में निजी शिक्षा बाजार और इसके नियमन से जुड़े व्यापक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह प्रस्तुति ऐसे कई अन्य शोधों के साथ हुई जिनमें विभिन्न देशों में औपचारिक शिक्षा व्यवस्था के समानांतर चल रही निजी शिक्षण प्रणाली का गहन अध्ययन किया गया था।

इस सम्मेलन के दौरान सिंगापुर और भारत के तुलनात्मक शैक्षणिक संदर्भों पर भी बहुत दिलचस्प और उपयोगी चर्चा देखने को मिली। कंस्ट्रक्टिव एनकाउंटर्स विषय पर आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में तुलनात्मक एवं अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले दुनिया भर के कई जाने-माने विद्वान और शोधकर्ता शामिल हुए थे। सम्मेलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था, आधुनिक शिक्षा बाजार और विभिन्न देशों में कोटा कोचिंग जैसी शिक्षण पद्धतियों की भूमिका से जुड़े विषयों पर खुलकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। डॉ. नूरिया की इस शानदार प्रस्तुति ने कोटा कोचिंग के पूरे अनुभव को व्यापक अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विमर्श से जोड़ने का एक बहुत ही सुनहरा अवसर प्रदान किया जिससे स्थानीय मुद्दों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।

ऑक्सफोर्ड मंच

ग्लासगो में हुए इस सफल सम्मेलन के बाद डॉ. नूरिया रहमान ने यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन में आयोजित विशेष सत्र में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह प्रतिष्ठित आयोजन 7 और 8 सितंबर 2026 को ऑक्सफोर्ड की धरती पर संपन्न हुआ जिसमें दुनिया भर से कई उभरते हुए शोधकर्ताओं ने भाग लिया। ऑक्सफोर्ड की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आमंत्रण के अनुसार इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न देशों से लगभग 20 प्रारंभिक करियर के शोधकर्ताओं के शामिल होने की पूरी योजना बनाई गई थी। इस उच्चस्तरीय आयोजन के दौरान विभिन्न अकादमिक गतिविधियों, विशेष व्याख्यानों और शोधकर्ताओं के बीच आपसी नेटवर्किंग के कई बेहतरीन और सुनहरे अवसर रखे गए थे जिनका सभी ने पूरा लाभ उठाया।

ऑक्सफोर्ड के इस प्रतिष्ठित अकादमिक मंच पर भी कोटा कोचिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं और शोध के निष्कर्षों पर विस्तार से चर्चा की गई। दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों के विद्वानों के साथ इस प्रकार के संवाद होने से कोटा कोचिंग के इस मॉडल को एक नई और वैश्विक मान्यता मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल स्थानीय शोध को बढ़ावा मिलता है बल्कि विभिन्न देशों की शिक्षा प्रणालियों को नजदीक से समझने का अनमोल अवसर भी प्राप्त होता है। अकादमिक जगत में इस बात पर जोर दिया गया कि कोटा कोचिंग जैसी विशाल प्रणालियों के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का अध्ययन करना आज के समय में शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम बन चुका है।

अकादमिक भविष्य

डॉ. नूरिया रहमान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कोटा कोचिंग पर किए गए इस शोध को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना उनके लिए बेहद संतोषजनक और सार्थक अनुभव रहा। इससे कोटा कोचिंग जैसे स्थानीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र से जुड़े अनगिनत सवालों को शिक्षा और समाज पर होने वाली वैश्विक चर्चाओं का मुख्य हिस्सा बनाने का शानदार अवसर मिला। उन्होंने यह भी बताया कि ग्लासगो और ऑक्सफोर्ड के इन बड़े अकादमिक आयोजनों के दौरान उन्हें दुनिया भर के जाने-माने विशेषज्ञों से बहुत ही मूल्यवान सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के साथ हुए इस सतत संवाद से कोटा कोचिंग के भविष्य को लेकर एक नया दृष्टिकोण विकसित करने में काफी अधिक मदद मिली है।

विभिन्न देशों की शिक्षा व्यवस्थाओं के संदर्भ में अकादमिक नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी यह पूरा दौरा बेहद सफल और परिणामदायक साबित हुआ है। आने वाले समय में इस प्रकार के उच्चस्तरीय शोध कार्यों से कोटा कोचिंग की कार्यप्रणाली को और अधिक बेहतर बनाने तथा इसके सकारात्मक पहलुओं को दुनिया के सामने लाने में मदद मिलेगी। इस पूरी वैश्विक यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि कोटा कोचिंग अब केवल एक स्थानीय शिक्षण केंद्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों के बीच शोध और अध्ययन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। अंततः यह अकादमिक प्रयास कोटा कोचिंग के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है जिसकी गूंज लंबे समय तक वैश्विक शिक्षा जगत में स्पष्ट रूप से सुनाई देती रहेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और शोध प्रस्तुतियों से जुड़े तथ्य शैक्षणिक संस्थानों और प्रतिनिधियों द्वारा प्रदान किए गए विवरण के अनुरूप हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

#KotaCoaching #GlobalEducation #OxfordUniversity #GlasgowConference #ResearchPaper #EducationMarket
Read Full Article on RexTV India