प्रादेशिक

पंजाब में किसानों के रेल रोको आंदोलन से ठप हुआ यातायात

पंजाब में रेल रोको आंदोलन के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और न्याय की मांग को लेकर किसानों ने सीधा रेलवे ट्रैक पर डेरा डाल दिया है।

By अजय त्यागी 1 min read
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रेल रोको आंदोलन

अमृतसर, पंजाब। रेल रोको आंदोलन के तहत पंजाब में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस जवाब ना मिलने पर किसानों ने यह बड़ा कदम उठाया है। द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने देवीदासपुरा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान पिछले कुछ दिनों से कैबिनेट मंत्री के आवास के बाहर लगातार धरना दे रहे थे लेकिन सरकार की ओर से कोई सुनवाई न होने के कारण उन्होंने आखिरकार रेल पटरी पर उतरकर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया जिससे आवागमन ठप हो गया।  [विडियो]  [1]

प्रमुख मांगें

पिछले कई दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर क्षेत्र के किसान लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और सरकार से उचित बातचीत की उम्मीद लगाकर बैठे थे। लेकिन जब प्रशासनिक स्तर पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली तब किसानों ने उग्र रुख अपनाते हुए सीधे रेलवे ट्रैक पर जाकर रेल रोको आंदोलन करने का फैसला किया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और नाराज किसानों को समझाने का प्रयास किया परंतु बात नहीं बन सकी। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि जब तक उनकी मांगों पर पुख्ता भरोसा नहीं मिलता तब तक यह आंदोलन और धरना किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच चली लंबी और दौर दर दौर की बातचीत के बाद आखिरकार यह महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाला गया कि आने वाले सप्ताह में चंडीगढ़ में शीर्ष स्तर की बैठक होगी। इस उच्च स्तरीय बैठक में किसान नेताओं और कृषि मंत्री के बीच सभी लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्ज के भारी दबाव के चलते जान गंवाने वाले किसानों और गरीब मजदूरों के पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता देने की बात भी प्रशासन द्वारा कही गई है।

लिखित समझौता

सरकार की तरफ से एक महीने के भीतर सभी प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरी और निर्धारित मुआवजा राशि देने का पक्का भरोसा दिलाया गया है। इसके अतिरिक्त पराली जलाने के मामलों और पुलिस प्रशासन द्वारा दर्ज किए गए पुराने मुकदमों पर भी आगामी बैठकों में विचार करके उनका सर्वमान्य समाधान निकालने की बात पूरी तरह तय की गई है। प्रशासनिक प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए इन सभी ठोस आश्वासनों के बाद किसानों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया और रेलवे ट्रैक को खाली कर दिया जिससे यातायात सुचारू हो सका।

सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनने और लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने आखिरकार शाम के समय अपना यह रेल रोको आंदोलन पूरी तरह समाप्त कर दिया और रेल पटरियों को खाली कर दिया। प्रमुख किसान नेता सरवान सिंह पंढेर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकार के साथ आगामी बैठक में भविष्य की रूपरेखा तय की जाएगी। प्रशासन द्वारा तय की गई समय सीमा के भीतर यदि वादे पूरे नहीं किए गए तो किसान दोबारा कड़ा रुख अपना सकते हैं। फिलहाल पुलिस प्रशासन की देखरेख में रेल यातायात पूरी तरह सुरक्षित तरीके से बहाल कर दिया गया है और मौके पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी रेल रोको आंदोलन से जुड़ी हुई है जिसका उद्देश्य पाठकों को सत्य से अवगत कराना है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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