एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान के बाद तय समय सीमा के भीतर ब्रेथलाइजर टेस्ट पूरा न करने पर एयरलाइन प्रबंधन ने पायलटों का निलंबन कर दिया है।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, भारत। एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है जहाँ तय समय सीमा के भीतर अनिवार्य पोस्ट-फ्लाईट ब्रेथलाइजर (breathalyser) टेस्ट पूरा न करने के कारण कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। कंपनी ने इस मामले में संलिप्त 4 पायलटों समेत कुल 8 क्रू सदस्यों को 3 महीने के लिए निलंबित कर दिया है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुबई से अमृतसर आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान (IX 192) के इन क्रू सदस्यों को लैंडिंग के बाद निर्धारित दो घंटे के भीतर अपना अनिवार्य ब्रेथलाइजर टेस्ट पूरा करना आवश्यक था। [1]
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित क्रू सदस्यों ने तय समय सीमा से 35 मिनट की देरी से यानी लैंडिंग के 2 घंटे 35 मिनट बाद जाकर यह ब्रेथलाइजर टेस्ट पूरा किया। विमानन नियमों के तहत सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन करना अत्यंत अनिवार्य होता है, और इस प्रकार की देरी को नियमों का उल्लंघन माना जाता है। एयरलाइन प्रबंधन ने इस प्रक्रियागत देरी को गंभीरता से लेते हुए तुरंत डीजीसीए (DGCA) को इसकी जानकारी दी और नियमों के तहत सभी 8 सदस्यों (4 पायलट और 4 केबिन क्रू) को ड्यूटी से हटाकर पायलटों का निलंबन का कड़ा फैसला लिया।
हालाँकि बाद की जाँच में इन सभी सदस्यों की अल्कोहल टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन तय समय सीमा का पालन न करने के कारण यह प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। विमानन क्षेत्र में सुरक्षा और समयबद्धता से जुड़े नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होता है, और यह घटना इस बात का प्रमाण है कि नियामक संस्थाएं एवं एयरलाइंस इस तरह के मामलों में कितनी सतर्कता बरत रही हैं। इस प्रकार की चूकों से एयरलाइन की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसके चलते प्रबंधन को तुरंत और कड़े कदम उठाने पड़े हैं।
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद देश भर के विमानन और सुरक्षा हलकों में चर्चा छिड़ गई है कि क्रू सदस्यों को तय प्रोटोकॉल का कितनी सख्ती से पालन करना चाहिए। विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि उड़ान के संचालन के दौरान और उसके बाद की जाने वाली चिकित्सीय या तकनीकी जाँचों में एक मिनट की भी ढिलाई सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। एयरलाइन अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की चूक को रोकने के लिए आंतरिक निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाएगा ताकि सभी कर्मचारी नियमों का पूरी तरह पालन करें।
इस प्रकार की घटनाओं से अन्य एयरलाइंस के कर्मियों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश जाता है कि सुरक्षा मानकों और तय समयावधि से जुड़े नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीजीसीए और संबंधित एयरलाइंस लगातार ऐसे मामलों पर पैनी नजर बनाए रखती हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। इस संपूर्ण घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि विमानन उद्योग में अनुशासन और नियमों का अक्षरशः पालन ही सबसे सर्वोपरि है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट में दी गई पायलटों का निलंबन और प्रशासनिक कार्रवाइयों के विवरण को पाठकों की सामान्य जानकारी के लिए प्रस्तुत किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए पायलटों का निलंबन से जुड़े किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।