मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज ने उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन देते हुए श्रद्धालुओं को जीवन में सरलता और निष्कपट भाव अपनाने का संदेश दिया।
पाद प्रक्षालन सौभाग्य
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। रिद्धि-सिद्धि नगर स्थित श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के गणधर मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज ने दशलक्षण पर्व के अंतर्गत उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन करते हुए श्रद्धालुओं को जीवन में सरलता, सहजता और निष्कपट भाव धारण करने का संदेश दिया। प्रेस विज्ञप्ति की एक रिपोर्ट के अनुसार मुनि श्री ने विस्तार से बताया कि मनुष्य कई बार छोटे से लाभ के लिए स्वार्थ के वशीभूत होकर मायाचारिता का सहारा लेता है और दूसरों को ठगने से पीछे नहीं हटता, जिससे समाज में नकारात्मकता फैलती है और आपसी विश्वास कम होता है।
मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज ने आगे कहा कि छल-कपट और धोखे से अर्जित धन का उपयोग कभी भी सार्थक नहीं हो सकता है। अनीति से कमाया गया धन अंततः नष्ट हो जाता है और कई बार गंभीर रोग, शोक अथवा आकस्मिक परिस्थितियों में व्यर्थ चला जाता है। उन्होंने धर्म के प्रथमानुयोग में वर्णित विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि जैन धर्म के अनेक उदाहरण यह सिखाते हैं कि सरलता और निष्कपटता के मार्ग पर चलने वाले पात्रों ने हमेशा उच्च पद और श्रेष्ठ जीवन प्राप्त किया, जबकि छल-कपट और धोखे का मार्ग अपनाने वाले लोगों को हमेशा विपरीत परिणामों को भुगतना पड़ा है।
शुक्रवार के पावन दिन मुनि श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य निर्मल कुमार, महेंद्र, जम्बू, नीरज, धीरज, विकास एवं अनिमेष अजमेरा परिवार ने पूरी श्रद्धा के साथ प्राप्त किया। इसके साथ ही रात्रिकालीन सत्र में आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज एवं मुनि संघ से प्राप्त आगम ज्ञान के आधार पर ब्रह्मचारी विकेश वर्धन भैयाजी, दिल्ली द्वारा बहुत ही सुंदर उत्तम आर्जव धर्म प्रवचन दिए जा रहे हैं, जिन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंच रहे हैं। इन धार्मिक आयोजनों से सभी भक्तों के मन में धर्म के प्रति गहरी आस्था जागृत हो रही है और वे इन अनमोल वचनों को अपने जीवन में उतारने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
मंदिर अध्यक्ष राजेंद्र गोधा एवं सचिव पंकज खटोड़ ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि 19 सितंबर, शनिवार को पर्वाधिराज दशलक्षण पर्व की अष्टमी के पावन अवसर पर 1008 श्री पुष्पदंत भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस बहुत धूमधाम से मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर पर प्रातः 8:30 बजे मंदिर जी में विधिवत रूप से निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। इस आयोजन में समाज के सभी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और भगवान की आराधना करेंगे। मंदिर कमेटी द्वारा इस भव्य आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि आने वाले सभी श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सकें।
दशलक्षण पर्व के इन पावन दिनों में कोटा के इस दिगंबर जैन मंदिर का पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान बना हुआ है। उत्तम आर्जव धर्म के इन प्रेरणादायक प्रवचनों से लोगों को जीवन जीने की एक नई राह मिल रही है। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी इन धार्मिक कार्यक्रमों में उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं और धर्म लाभ कमा रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि पर्व के आगामी दिनों में भी इसी तरह के कई और धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और धार्मिक संस्कारों का प्रसार निरंतर होता रहेगा और सभी का जीवन मंगलमय बनेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। दशलक्षण पर्व और मुनि श्री के प्रवचन से जुड़े सभी तथ्य प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।