राजस्थान

फार्माकोलॉजी विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रम से स्वास्थ्यकर्मी हुए जागरूक 

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज का फार्माकोलॉजी विभाग दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल कर रहा है।

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

जागरूकता अभियान

बीकानेर, राजस्थान। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर का फार्माकोलॉजी विभाग दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने तथा उनके प्रतिकूल प्रभावों की पहचान व समय पर रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष पहल कर रहा है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत फार्माकोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार छिंपा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सत्रह से तेईस सितंबर तक रोगी जागरूकता एवं स्वास्थ्यकर्मी संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आम मरीजों और भावी स्वास्थ्यकर्मियों को दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति पूरी तरह सतर्क बनाना है, ताकि चिकित्सा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनहोनी से समय रहते बचा जा सके।

टोल फ्री नंबर

कार्यक्रम के केंद्र में रहे फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार छिंपा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी मरीज दवाओं के किसी भी संदिग्ध प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी टोल-फ्री नंबर अट्ठारह सौ-एक सौ अस्सी-तीस चौबीस अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से सीधे दर्ज करा सकता है। इसके अलावा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्यकर्मी इंडियन फार्माकोपिया कमीशन के संदिग्ध प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया प्रपत्र को भरकर अपनी रिपोर्ट सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज स्थित एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर में प्रस्तुत कर सकते हैं। फार्माकोलॉजी विभाग की इस अनूठी पहल से मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है और वे अपनी किसी भी प्रकार की शिकायत को बहुत ही आसानी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा पा रहे हैं।

विशेष सत्र

उन्नीस सितंबर दो हजार छब्बीस को आयोजित किए गए एक विशेष सत्र के दौरान प्रथम वर्ष के एमबीबीएस एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों को पोस्टर तथा सूचना सामग्री के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई। फार्माकोविजिलेंस एसोसिएट पवन सारस्वत ने सभी विद्यार्थियों को दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों की पहचान और त्वरित रिपोर्टिंग के तकनीकी पहलुओं से बहुत ही बारीकी से अवगत कराया। इस कार्यक्रम के दौरान फार्माकोलॉजी विभाग के अंतर्गत डॉ सुधा नाहटा, डॉ नजमूल हुसैन, डॉ योगेश छिपा, डॉ विकास डूकिया, विष्णु रतन दवे, कमलेश व्यास, ओम प्रकाश कुशवाह तथा भरत रंगा सहित विभाग का समस्त स्टाफ अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए वहां मौजूद रहा।

रोगी सुरक्षा

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ सुरेंद्र कुमार ने फार्माकोलॉजी विभाग के इस बेहतरीन प्रयास की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि रोगी सुरक्षा हमारी चिकित्सा प्रणाली की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दवाओं के साइड इफेक्ट्स यानी प्रतिकूल प्रभावों की समय पर और सटीक रिपोर्टिंग से न केवल वर्तमान मरीज का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है, बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर चिकित्सा जटिलताओं से भी आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने सभी युवा चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल विद्यार्थियों का जोरदार आह्वान किया कि वे फार्माकोविजिलेंस को अपनी दिनचर्या और कार्यशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाएं तथा आम मरीजों में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएं।

सकारात्मक संदेश

इस प्रकार के स्वास्थ्य अभियानों से चिकित्सा जगत में एक बहुत ही सकारात्मक और सुधारात्मक संदेश जाता है। फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अपार सफलता पर सभी ने अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी ऐसे जनहित के आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस महत्वपूर्ण पहल से पूरे क्षेत्र के अस्पतालों में दवाओं के उपयोग को लेकर एक नई पारदर्शिता आई है, जो आने वाले समय में देश की चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। फार्माकोलॉजी विभाग और स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुरूप हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

#PharmacologyDepartment #PatientSafety #MedicalCollegeBikaner #AdverseDrugReactions #HealthAwareness #MedicalEducation
Read Full Article on RexTV India