राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए।
स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम
बीकानेर, राजस्थान। स्टेट मिडवाइफरी प्रशिक्षण केंद्र, राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय, बीकानेर के नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी प्रशिक्षणार्थियों द्वारा आज अपनी सामुदायिक पोस्टिंग के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देशनोक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पलाना तथा शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगाशहर में पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित मातृत्व के महत्व को समझाना था, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ रह सकें।
स्वास्थ्य शिक्षा सत्र के दौरान इन प्रशिक्षणार्थियों ने सभी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं स्वस्थ गर्भावस्था के लिए आवश्यक विभिन्न पहलुओं की बहुत ही विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षणार्थियों ने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, पर्याप्त मात्रा में आराम करने, अपनी व्यक्तिगत एवं घरेलू स्वच्छता का पूरा ध्यान रखने, नियमित तथा सुरक्षित व्यायाम करने तथा समय पर अपनी प्रसवपूर्व जांच करवाने के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि इस नाजुक दौर में थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए प्रत्येक महिला को अपने खानपान और दिनचर्या को लेकर बहुत अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु का सही विकास हो सके।
प्रशिक्षणार्थियों ने विशेष रूप से यह जानकारी दी कि गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भस्थ शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उचित पोषण की सबसे बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने, आयरन फोलिक एसिड तथा कैल्शियम जैसी बेहद आवश्यक दवाओं का नियमित रूप से सेवन करने और हमेशा स्वास्थ्यकर्मी की सलाह का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, नियमित तथा सुरक्षित व्यायाम के विभिन्न लाभों के बारे में जानकारी देते हुए महिलाओं को उनकी गर्भावस्था की वर्तमान स्थिति के अनुसार उपयुक्त शारीरिक गतिविधियां करने के लिए भी पूरी तरह से प्रोत्साहित किया गया।
मिडवाइफरी प्रशिक्षक मांगीलाल एवं मनोज कुमारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस स्वास्थ्य शिक्षा का एक अन्य सबसे प्रमुख विषय संस्थागत प्रसव रहा। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने सभी महिलाओं तथा उनके परिजनों को प्रसव के समय पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचने तथा हमेशा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में ही प्रसव कराने के अत्यंत महत्वपूर्ण लाभों के बारे में समझाया। इसके साथ ही, गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण अथवा जटिलता के संकेत दिखाई देने पर बिना किसी देरी के तुरंत स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
मिडवाइफरी प्रशिक्षक सुनीता चौधरी ने विस्तार से बताया कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से सभी प्रशिक्षणार्थियों को सामुदायिक स्तर पर मिडवाइफरी सेवाओं तथा स्वास्थ्य संवर्धन संबंधी गतिविधियों का बहुत ही बेहतरीन व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। स्टेट मिडवाइफरी प्रशिक्षण केंद्र, राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय, बीकानेर के द्वारा भविष्य में भी समुदाय के बीच सुरक्षित मातृत्व, गुणवत्तापूर्ण मिडवाइफरी देखभाल तथा महिला-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में ऐसी जागरूकता गतिविधियां निरंतर आयोजित की जाती रहेंगी, जिससे समाज के निचले स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचे और मातृ मृत्यु दर में भारी कमी लाई जा सके।
इस प्रकार के स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों से आम जनता में स्वास्थ्य के प्रति एक नई अलख जागती है और महिलाएं अपनी सेहत को लेकर अधिक सजग बनती हैं। अंत में सभी ने इस स्वास्थ्य शिक्षा अभियान की अभूतपूर्व सफलता पर अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और इसमें भाग लेने वाली सभी महिलाओं तथा सहयोगी स्टाफ का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस अनूठी पहल से पूरे बीकानेर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में लगातार सुधार हो रहा है, जो आने वाले समय में एक स्वस्थ और मजबूत समाज के निर्माण में अपनी बहुत ही महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों और मातृ स्वास्थ्य से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुरूप हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।