भीलवाड़ा के माधव गौशाला परिसर स्थित मंदिर में राधाष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धा का भारी सैलाब उमड़ पड़ा, भजन संध्या का सुंदर आयोजन हुआ।
राधा अष्टमी उत्सव
भीलवाड़ा, राजस्थान(पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा के माधव गौशाला परिसर स्थित मंदिर में राधाष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धा का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। मां भारती समूह की ओर से आयोजित इस धार्मिक उत्सव में राधा-कृष्ण के सुंदर स्वरूपों, मधुर भजनों और आकर्षक सजावट ने पूरे माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। इस दौरान आयोजित भव्य भजन संध्या और भगवान को लगाए गए छप्पन भोग ने सभी श्रद्धालुओं को अपनी जगह बांधे रखा। अब आगामी बाईस सितंबर को आने वाली जलझूलनी एकादशी मेले की तैयारियां बहुत ही जोर-शोर से चल रही हैं, जिसके तहत भगवान ठाकुरजी का भव्य बेवाण निकाला जाएगा। मंदिर समिति ने इस संबंध में सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
संस्था के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि श्री राधा रानी के पावन जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर और मुख्य गर्भगृह को बहुत ही सुंदर झूमरों तथा रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। जैसे ही शाम हुई, वैसे ही भजनों की मधुर स्वर लहरियों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। इस धार्मिक आयोजन के दौरान सूर्यकांता, प्रमिला, आशा और राधा ने श्री राधा रानी का बहुत ही सुंदर स्वरूप धारण किया। वहीं दूसरी ओर पंडित आनंद, दीपक तथा प्रकाश ने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी का मनमोहक रूप धारण कर वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिर की इस भव्य सजावट में उदयलाल और दुर्गेश के विशेष प्रयासों की सभी श्रद्धालुओं ने खुलकर प्रशंसा की।
इस विशेष भजन संध्या के दौरान प्रसिद्ध भजन गायिका मंजू तंबोली, अन्ना, कलावती और राजकुमारी ने राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़े हुए एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। इन मधुर भजनों की धुनों के साथ वहां मौजूद सभी श्रद्धालु भी भक्ति के रंग में सराबोर होकर झूमते हुए नजर आए। इसके साथ ही पावन राधा रानी को छप्पन भोग और एक सौ प्रकार की विभिन्न मिठाइयों का भव्य भोग लगाया गया। भोग लगाने के बाद मंदिर समिति की ओर से सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को पवित्र पेड़े का प्रसाद वितरित किया गया। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवागमन की विशेष व्यवस्था भी की गई थी, जिसके तहत छह बसें, दस टेम्पो और ई-बसें संचालित की गईं।
इस बड़े आयोजन में मुख्य संयोजक अलका जोशी, ज्योति देवी, बेबी तथा मीरा सहित तमाम कार्यकर्ताओं का बहुत ही सराहनीय सहयोग रहा। वहीं दूसरी ओर मंदिर में आने वाले सभी भक्तों के लिए भोजन व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी गोपाल जोशी के द्वारा बहुत अच्छे से संभाली गई। मंदिर समिति ने बताया कि आगामी बाईस सितंबर को भीलवाड़ा के इस प्रसिद्ध मंदिर में जलझूलनी एकादशी मेले का बहुत बड़ा आयोजन किया जाएगा। इस विशेष धार्मिक अवसर पर भगवान ठाकुरजी का पारंपरिक बेवाण निकाला जाएगा। इस बड़े मेले को सफल बनाने के लिए पदयात्रियों के आवागमन तथा अन्य सभी प्रकार की व्यवस्थाओं को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि किसी को असुविधा न हो।
इस प्रकार के बड़े धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और धार्मिक संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। अंत में सभी ने इस राधाष्टमी उत्सव और भजन संध्या की अभूतपूर्व सफलता पर अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी ऐसे महान आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस भव्य आयोजन ने भीलवाड़ा शहर के लोगों के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ी है, जिसे आने वाले लंबे समय तक याद रखा जाएगा और यह क्षेत्र के अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए भी एक बेहतरीन प्रेरणा का बड़ा स्रोत बनेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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