मधुपुर सत्र के विकास की तैयारी को लेकर असम सरकार ने पश्चिम बंगाल से सहयोग मांगा है। असम सरकार पहले ही 35 करोड़ रुपये आवंटित कर चुकी है।
हिमंत बिस्व शर्मा और शुभेंदु अधिकारी - फाइल फोटो
कूचबिहार, पश्चिम बंगाल। मधुपुर सत्र के विकास की तैयारी के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल सरकार से सहयोग मांगा है। मुख्यमंत्री ने कूचबिहार जिले में स्थित ऐतिहासिक मधुपुर सत्र का दौरा किया और इसके विकास से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा की। मधुपुर सत्र असम की वैष्णव परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है। असम सरकार ने इसके विकास के लिए 35 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधिमंडल को असम के बटद्रवा थान आने का प्रस्ताव भी रखा। उनका कहना है कि दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए इस तरह के सहयोग से स्थल के विकास को गति मिल सकती है। [1]
मधुपुर सत्र कूचबिहार जिले में स्थित ऐतिहासिक वैष्णव मठ है और असम की धार्मिक तथा सांस्कृतिक परंपरा से इसका गहरा संबंध बताया जाता है। असम सरकार का प्रस्ताव इस परिसर के विकास और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। सरकार की ओर से आवंटित 35 करोड़ रुपये इसी विकास योजना के लिए रखे गए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ऐतिहासिक स्थल की मौजूदा स्थिति और आगे के विकास को लेकर चर्चा हुई। पश्चिम बंगाल सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। प्रस्ताव के आगे बढ़ने पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल के एक प्रतिनिधिमंडल को असम के बटद्रवा थान आने का प्रस्ताव दिया है। यह स्थल असम की वैष्णव परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मुख्यमंत्री की पहल का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को सामने लाना है। मधुपुर सत्र और बटद्रवा थान से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल की संभावित यात्रा को सांस्कृतिक आदान प्रदान के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इस प्रस्ताव पर पश्चिम बंगाल की ओर से आगे की औपचारिक प्रतिक्रिया या कार्यक्रम की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। विकास परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों के बीच समन्वय जरूरी होगा।
असम सरकार ने मधुपुर सत्र के विकास के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान पहले ही किया है। अब सरकार की कोशिश पश्चिम बंगाल से भी सहयोग लेने की है। प्रस्ताव में ऐतिहासिक परिसर के संरक्षण और विकास से जुड़े कामों पर जोर है। सरकार की योजना से स्थल की सुविधाओं में सुधार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि परियोजना के तहत किन कामों को किस चरण में पूरा किया जाएगा, इसकी पूरी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मधुपुर सत्र के विकास की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री का दौरा और पश्चिम बंगाल से सहयोग की अपील फिलहाल इस पहल के प्रमुख बिंदु हैं। आगे की प्रक्रिया दोनों राज्यों के समन्वय पर निर्भर करेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। विकास परियोजना, धन आवंटन और अंतरराज्यीय सहयोग से जुड़े विवरण संबंधित सरकारी बयानों और उपलब्ध रिपोर्ट पर आधारित हैं। परियोजना की अंतिम रूपरेखा और भविष्य की समयसीमा में बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।