दक्षिण पश्चिम रेलवे के तोलहणसे यार्ड में चल रहे तकनीकी कार्य के कारण उत्तर-पश्चिम रेलवे पर संचालित होने वाली कई प्रमुख रेल सेवा प्रभावित रहेंगी।
प्रतीकात्मक फोटो
बीकानेर, राजस्थान। देश के विभिन्न हिस्सों में पटरियों के आधुनिकीकरण और रख-रखाव का काम लगातार तेजी के साथ किया जा रहा है ताकि भविष्य में रेल यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके। इसी कड़ी में दक्षिण पश्चिम रेलवे द्वारा तोलहणसे यार्ड में तकनीकी कार्य हेतु नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है जिसके चलते इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों के संचालन में फेरबदल किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार इस महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य के कारण उत्तर-पश्चिम रेलवे पर संचालित होने वाली कुछ प्रमुख रेल सेवा प्रभावित रहेंगी। इस बदलाव से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में थोड़ा बदलाव करना पड़ सकता है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने कुछ चुनिंदा गाड़ियों के मार्ग में बदलाव करने का निर्णय लिया है जो इस अवधि के दौरान नए रूट से चलेंगी। गाड़ी संख्या 19667 उदयपुर सिटी से मैसूरु के बीच चलने वाली रेल सेवा जो दिनांक 21 सितंबर 2026 और 5 अक्टूबर 2026 को प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग हुब्बली, बल्लारी, गुंतकल, धर्मवरम, बेंगलुरु होकर अपने गंतव्य तक पहुँचेगी। इस विशेष परिवर्तित मार्ग के संचालन के दौरान यह रेल सेवा दावणगेरे स्टेशन पर नहीं रुकेगी जिससे उस स्टेशन के यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था देखनी होगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 22497 श्री गंगानगर से तिरुचिरापल्ली के बीच चलने वाली रेल सेवा भी निर्धारित तिथियों पर बदले हुए रास्ते से ही संचालित की जाएगी।
श्रीगंगानगर से तिरुचिरापल्ली जाने वाली गाड़ी संख्या 22497 जो दिनांक 21 सितंबर 2026 और 5 अक्टूबर 2026 को रवाना होगी वह हुब्बली, बल्लारी, गुंतकल, धर्मवरम, कृष्णराजपुरम के रास्ते चलाई जाएगी। अपने इस परिवर्तित मार्ग के दौरान यह गाड़ी हरिहर, दावणगेरे, बिरूर, अरसीकेरे, तुमकुरु और बानसवाड़ी स्टेशनों पर बिल्कुल नहीं रुकेगी जिससे इन स्टेशनों के यात्रियों को अपनी यात्रा का समय नए सिरे से तय करना होगा। दूसरी ओर गाड़ी संख्या 16588 बीकानेर से यशवंतपुर एक्सप्रेस जो दिनांक 22 सितंबर 2026 एवं 6 अक्टूबर 2026 को बीकानेर से प्रस्थान करेगी वह मार्ग में 01 घंटे 10 मिनट रेगुलेट रहेगी। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी गाड़ी की स्थिति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें जिससे रेल सेवा प्रभावित होने पर उन्हें असुविधा ना हो।
भारतीय रेलवे का हमेशा से यही प्रयास रहा है कि विकास कार्यों के दौरान भी यात्रियों को कम से कम असुविधा हो और उन्हें सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाया जा सके। तोलहणसे यार्ड में चल रहे इन आवश्यक तकनीकी कार्यों के पूर्ण होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन और अधिक सुगम एवं तेज हो जाएगा जिससे भविष्य में सभी रेल यात्रियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे स्टेशनों पर सहायता काउंटर भी बनाए गए हैं ताकि किसी भी यात्री को मार्ग परिवर्तन या समय सारणी से जुड़ी कोई भी जानकारी प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। यात्रियों की सुरक्षा और बेहतरीन तकनीकी सुविधाओं का यह विकास कार्य भारतीय परिवहन व्यवस्था को एक नई मजबूती प्रदान कर रहा है जिसके परिणाम आने वाले समय में बेहद सकारात्मक साबित होंगे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रेल सेवा प्रभावित होने और तोलहणसे यार्ड के तकनीकी कार्यों से जुड़ी जानकारी पाठकों की जागरूकता के लिए दी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।