रफ़ी कला केंद्र की ओर से महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम, नागरी भंडार में आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी जादुई आवाज से समां बांध दिया है।
रफ़ी कला केंद्र का रंगारंग कार्यक्रम
बीकानेर, राजस्थान। संगीत प्रेमियों के लिए शहर में एक बेहद खास और यादगार शाम का आयोजन किया गया जिसने सभी का दिल जीत लिया है। रफ़ी कला केंद्र की ओर से दिनांक 20 सितंबर 2026 रविवार की शाम 7:00 बजे महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम नागरी भंडार में फ़िल्मी गीतों का रंगारंग कार्यक्रम मुझे नौलखा मंगा दे रे आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संयोजक देवदत्त दुबे और शेख सलीम के अनुसार इस शानदार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस के नेता, समाजसेवी और पार्षद अश्वनी मीढा रहे जिन्होंने मोहम्मद रफ़ी के फोटो पर माला पहनाकर इसकी विधिवत शुरुआत की। इस भव्य आयोजन ने शहर के तमाम संगीत प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया और हर तरफ इस सुरीली शाम की ही चर्चा हो रही है।
इस सुरीले कार्यक्रम की अध्यक्षता जाने-माने नेताजी अनवर अजमेरी ने की जिन्होंने दीप जलाकर इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इस गरिमामयी आयोजन में कई विशेष मेहमान भी उपस्थित रहे जिनमें डॉक्टर देवदत्त दुबे, सैय्यद अख्तर, साबिर पावड संगीत कला प्रेमी, मंजू गोस्वामी, इरशाद गोरी, मंजू गहलोत, आमिर मास्टर, भारत प्रकाश श्रीमाली, हसन राठौड और मेहबूब अली रंगरेज शामिल थे। इन सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इस रंगारंग कार्यक्रम की शोभा को कई गुना बढ़ा दिया और आयोजकों का उत्साह भी दोगुना हो गया। सभी ने मिलकर इस सांस्कृतिक शाम को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान दिया जिससे यह आयोजन शहर में एक बड़ी मिसाल बन गया है।
इस भव्य कार्यक्रम में बीकानेर के जाने-माने गायक कलाकारों ने अपनी शानदार आवाज में एक से बढ़कर एक बेहतरीन गाने गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपनी सुरीली आवाज से जलवा बिखेरने वाले कलाकारों में सिंगर मुनव्वर रफ़ी, शेख़ मोहम्मद सलीम हाशमी, जनाब अनवर अजमेरी, हेम लता तिवाड़ी, अरुण जोशी, नवल गोयल, जवाहर जोशी, मंजू गोस्वामी और सैयद जाकिर हुसैन प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी कलाकारों ने अपनी गायकी से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस रंगारंग कार्यक्रम का बेहतरीन मंच संचालन अरुण जी जोशी और शेख़ मोहम्मद सलीम हाशमी ने अपनी लाजवाब शैली में किया जिससे दर्शकों का मनोरंजन और भी बढ़ गया।
रफ़ी कला केंद्र द्वारा आयोजित इस सफल कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया है कि संगीत और कला के प्रति शहर के लोगों का लगाव आज भी उतना ही गहरा है। इस तरह के आयोजनों से न केवल पुरानी यादें ताजा होती हैं बल्कि नए कलाकारों को भी अपनी कला दिखाने का एक बहुत बड़ा और सुनहरा मंच मिलता है। कार्यक्रम के अंत में सभी आयोजकों ने पधारे हुए मेहमानों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे ही और अधिक शानदार कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। यह रंगारंग शाम बीकानेर के सांस्कृतिक इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ गई है जिसे दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रफ़ी कला केंद्र और फिल्मी गीतों के कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी पाठकों की जागरूकता के लिए दी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।