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एनएलसी और सीडैक की साझेदारी, हरित डिजिटल ढांचा पर क्या है योजना

हरित डिजिटल ढांचा बढ़ाने के लिए एनएलसी इंडिया और सीडैक ने समझौता किया है। जानें नवीकरणीय ऊर्जा डेटा केंद्र, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग की पहल।

By अजय त्यागी 1 min read
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समझौता ज्ञापन

नई दिल्ली, दिल्ली। एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग ने उन्नत कंप्यूटिंग और नवीकरणीय ऊर्जा आधारित डिजिटल ढांचे के अवसर तलाशने के लिए समझौता ज्ञापन किया है। हरित डिजिटल ढांचा (green digital infrastructure) से जुड़ी यह साझेदारी सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान हुई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार दोनों संस्थाएं नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाले डेटा केंद्रों की संभावनाओं पर काम करेंगी। सहयोग के दायरे में हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य दोनों संस्थाओं की तकनीकी और ऊर्जा संबंधी क्षमताओं को जोड़कर संभावित परियोजनाओं के अवसर तलाशना है।  [1]

साझेदारी में क्या शामिल है

हरित डिजिटल ढांचा तैयार करने की पहल में एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता और सीडैक की डिजिटल तकनीक विशेषज्ञता को साथ लाने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार साझेदारी के तहत नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित डेटा केंद्रों की संभावनाएं तलाशने के साथ हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े अवसर भी देखे जाएंगे। रिपोर्ट में इसे रणनीतिक साझेदारी बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष डेटा केंद्र की क्षमता, लागत, निर्माण समय या अंतिम स्थान का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए परियोजना के आकार को लेकर अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

ऊर्जा और तकनीक का मेल

हरित डिजिटल ढांचा की अवधारणा में ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना को एक साथ विकसित करने पर जोर है। इस साझेदारी में एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स की भूमिका नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी क्षमता के कारण महत्वपूर्ण है, जबकि सीडैक उन्नत कंप्यूटिंग तकनीकों से जुड़ी संस्था है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्ष संभावित अवसरों और परियोजनाओं का अध्ययन करेंगे। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा आधारित डेटा केंद्र और उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाएं शामिल हैं। रिपोर्ट में किसी परियोजना के व्यावसायिक रूप से शुरू होने की तारीख नहीं बताई गई है। आगे की जानकारी समझौते के तहत होने वाले कार्य और आधिकारिक घोषणाओं पर निर्भर करेगी।

आगे की संभावनाएं

हरित डिजिटल ढांचा के तहत प्रस्तावित सहयोग केवल डेटा केंद्रों तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी में हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग को भी साझेदारी के संभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है। दोनों संस्थाओं का उद्देश्य अपनी संबंधित क्षमताओं को मिलाकर उन्नत डिजिटल तकनीकों और स्वच्छ ऊर्जा के बीच अवसर तलाशना है। अभी यह समझौता संभावनाओं के अध्ययन और सहयोग की दिशा तय करता है। किसी परियोजना की अंतिम मंजूरी, निवेश, निर्माण या संचालन के बारे में उपलब्ध रिपोर्ट में निश्चित घोषणा नहीं है। इसलिए वर्तमान चरण को साझेदारी और अवसर तलाशने की प्रक्रिया के रूप में देखना चाहिए।

एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स और सीडैक के बीच समझौता ज्ञापन से हरित डिजिटल ढांचा विकसित करने की दिशा में सहयोग का रास्ता खुला है। साझेदारी में नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाले डेटा केंद्र, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। हरित डिजिटल ढांचा के लिए दोनों संस्थाएं अपनी ऊर्जा और डिजिटल तकनीक से जुड़ी क्षमताओं का उपयोग करते हुए संभावनाएं तलाशेंगी। उपलब्ध रिपोर्ट में सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान समझौते का उल्लेख है। अभी किसी परियोजना की लागत, क्षमता या समयसीमा घोषित नहीं बताई गई है। आगे का स्वरूप संबंधित आधिकारिक घोषणाओं से स्पष्ट होगा।

अस्वीकरण :

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साझेदारी से जुड़ी परियोजनाओं की लागत, क्षमता और समयसीमा भविष्य की आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार स्पष्ट होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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