क्राइम

राष्ट्रीय खेल संस्थान के एक कोच के खिलाफ दुष्कर्म के गंभीर आरोप

पटियाला के खेल संस्थान में नाबालिग एथलीट से दुष्कर्म के आरोप का मामला सामने आया है। इस दुष्कर्म की घटना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण और प्रामाणिक बातें जानिए।

By अजय त्यागी 1 min read
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आरोपी कोच मैक्सत अयेज़बायेव

पटियाला, पंजाब के नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां कजाकिस्तान के एक विदेशी साइकिलिंग कोच पर नाबालिग महिला एथलीट के साथ कथित दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी कोच के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। घटना के सामने आने के बाद से खेल जगत में हड़कंप मच गया है और इस पूरी घटना को लेकर कोचिंग विवाद गहराता जा रहा है, जिससे हर कोई स्तब्ध है।   [1]

कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कथित घटना 13 सितंबर को हुई थी जिसकी शिकायत मिलने पर 18 सितंबर को मामला दर्ज किया गया। आरोपी कोच की पहचान मैक्सत अयेज़बायेव के रूप में हुई है, जो कजाकिस्तान का रहने वाला है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी का पासपोर्ट जब्त कर लिया है और उसकी तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है ताकि उसे जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस यह भी गहनता से जांच कर रही है कि इस दुष्कर्म के आपराधिक कृत्य में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं थी।

तलाश जारी

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी कोच दिल्ली के एक खेल कैंप में मौजूद हो सकता है, जिसके बाद पटियाला पुलिस की टीमें तुरंत दिल्ली भी रवाना हुईं। हालांकि छापे के दौरान आरोपी वहां नहीं मिला और फिलहाल वह कानून की पकड़ से दूर बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है और उसके देश से बाहर भागने की संभावना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच पीड़िता की मेडिकल जांच और इस दुष्कर्म मामले से जुड़ी अन्य जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

महासंघ का कदम

इस संगीन दुष्कर्म मामले के सामने आने के बाद खेल प्रशासन भी पूरी तरह हरकत में आ गया है और त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित खेल महासंघ ने आरोपी कोच को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और इस पूरे मामले की विस्तृत जांच एक आंतरिक शिकायत समिति को सौंप दी है। खेल अधिकारियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, खेल परिसरों में खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनके मानसिक तथा शारीरिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा मानकों को कड़ा किया जा रहा है।

सुरक्षा का सवाल

इस पूरी घटना ने देश भर के खेल प्रशिक्षण केंद्रों में युवा एथलीटों की सुरक्षा और संरक्षा को लेकर कई गंभीर और बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल प्रेमियों और विभिन्न संगठनों ने पुरजोर मांग की है कि राष्ट्रीय शिविरों में कड़े निगरानी तंत्र और पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे दुष्कर्म मामलों की पुनरावृत्ति बिल्कुल न हो। पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस मामले के हर पहलू की बेहद बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किया जा सके और पीड़ित एथलीट को हरसंभव उचित कानूनी सहायता प्रदान की जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट आधिकारिक पुलिस बयानों और प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट में दी गई संख्याएं और विवरण आधिकारिक पुलिस बयानों के अनुसार हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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