चैप्टर कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कॉन्सेप्ट्स 2026 में हिंदुस्तान जिंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 स्वर्ण और 9 रजत पुरस्कार हासिल किए हैं।
चैप्टर कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कॉन्सेप्ट्स 2026
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और शीर्ष चांदी उत्पादकों में शामिल हिंदुस्तान जिंक ने गुणवत्ता, नवाचार और परिचालन उत्कृष्टता के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। चैप्टर कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कॉन्सेप्ट्स 2026 में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 50 स्वर्ण और 9 रजत पुरस्कार अपने नाम किए हैं। कंपनी की विभिन्न माइंस और स्मेल्टर इकाइयों की ओर से कुल 59 परियोजनाएं इस सम्मेलन में प्रस्तुत की गईं, जिसके बाद हिंदुस्तान जिंक इस आयोजन की प्रमुख सफल कंपनियों में शामिल रही। स्वर्ण पुरस्कार हासिल करने वाली सभी विजेता टीमें अब नेशनल कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कॉन्सेप्ट्स 2026 में अपनी परियोजनाओं का प्रतिनिधित्व करेंगी।
राज्य स्तरीय इस सम्मेलन में विभिन्न उद्योगों के विशेषज्ञों, संस्थानों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें नवाचार, बेहतर कार्यप्रणालियों और सफल प्रयोगों को साझा किया गया। राजसमंद-उदयपुर चैप्टर में 107 तथा रुद्रपुर चैप्टर में 51 परियोजनाओं की प्रस्तुतियां हुईं जिनमें 25 से अधिक संस्थानों के 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच हिंदुस्तान जिंक की विभिन्न इकाइयों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स ने 18 स्वर्ण और 2 रजत, चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर ने 13 स्वर्ण और 4 रजत, तथा रामपुरा आगुचा माइंस ने 4 स्वर्ण पुरस्कार हासिल किए।
इसके साथ ही पंतनगर मेटल प्रोजेक्ट ने 4 स्वर्ण और 1 रजत, कायड़ माइंस ने 3 स्वर्ण और 2 रजत, जिंक स्मेल्टर देबारी ने 6 स्वर्ण, जबकि जावर माइंस ने 2 स्वर्ण पुरस्कार अपने नाम किए। इन सभी पुरस्कार विजेता परियोजनाओं में परिचालन उत्कृष्टता, उत्पादकता बढ़ाने, उपकरणों की विश्वसनीयता में सुधार, स्थिरता, लागत अनुकूलन और गुणवत्ता सुधार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहा। इन सभी प्रोजेक्ट्स ने टीमवर्क और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी के जरिए निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे ठोस प्रयासों को सभी के सामने मजबूती से रखा है।
हिंदुस्तान जिंक के लिए गुणवत्ता केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि उनकी कार्य संस्कृति का एक बेहद अहम हिस्सा है। कंपनी के जिंक, लेड और सिल्वर उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों और ग्राहकों की अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप तैयार किए जाते हैं। आईएसओ 9001, आईएसओ 14001, आईएसओ 45001, एनएबीएल मान्यता प्राप्त आईएसओ तथा बीआईएस प्रमाणन जैसे उच्च मानकों के माध्यम से कंपनी गुणवत्ता, सुरक्षा, स्थिरता और परिचालन उत्कृष्टता को लगातार मजबूत कर रही है।
कर्मचारियों के नेतृत्व वाले नवाचार और निरंतर सुधार के तमाम प्रयासों के जरिए हिंदुस्तान जिंक ने खनन एवं धातु उद्योग में गुणवत्ता और प्रदर्शन के क्षेत्र में अपनी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ किया है। इस तरह के प्रतिष्ठित मंचों पर मिलने वाली सफलताएं कंपनी की तकनीकी क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। भविष्य में भी कंपनी इसी प्रकार के गुणवत्तापूर्ण नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट हिंदुस्तान जिंक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कॉर्पोरेट उपलब्धियों और गुणवत्ता मानकों से जुड़े विवरणों की पुष्टि कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों से की जाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।