नीमकाथाना में जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर श्याम दीवाने परिवार की ओर से श्याम मंदिर परिसर में पांचवां वार्षिक संकीर्तन आयोजित किया गया।
वार्षिक संकीर्तन का भव्य आयोजन
नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। नीमकाथाना क्षेत्र में जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर मंगलवार को भक्ति, उल्लास और गहरी श्रद्धा का एक अद्भुत और अनूठा संगम देखने को मिला। श्याम दीवाने परिवार, नीमकाथाना की ओर से स्थानीय श्याम मंदिर परिसर में पांचवें वार्षिक संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। रात्रि 8:15 बजे से शुरू हुआ यह संकीर्तन देर रात तक भजनों, बाबा के जयकारों और तालियों की गूंज के बीच एक अत्यंत भक्तिमय वातावरण में अनवरत चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
जलझूलनी एकादशी के इस पावन पर्व पर श्याम मंदिर नीमकाथाना धाम से बाबा श्याम की झूला पालकी को बेहद भव्य रूप से सजाकर बाहर निकाला गया। डीजे की मनमोहक भक्तिमय धुनों के साथ श्याम भक्त प्यारे भजन गाते हुए और बाबा के जयकारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नरसिंह मंदिर, पनगढ़ पहुंचे। यहां पारंपरिक रूप से जलविहार कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें शहर के विभिन्न मंदिरों से आईं अन्य झूला पालकियां भी जलविहार के लिए पहुंचीं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर बाबा के चरणों में अपनी पूर्ण आस्था प्रकट की।
वार्षिक संकीर्तन के दौरान बाहर से पधारे प्रसिद्ध भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन भजनों की प्रस्तुतियां देकर सभी श्याम भक्तों को पूरी तरह भाव-विभोर कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय भजन गायक राहुल तथा बाल कलाकार गर्वित गर्ग (लड्डू) मंडोली परिवार के बच्चे ने भी अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से उपस्थित भक्तों का मन मोह लिया। भजनों के इन सुंदर दौर के दौरान श्रद्धालु जमकर झूमे और तालियों की गूंज के साथ बाबा श्याम के जयकारों से पूरे परिसर को गुंजाइमान कर दिया।
संकीर्तन के दौरान जब बाबा श्याम की पवित्र मोरछड़ी श्रद्धालुओं पर फेरी गई, तो वातावरण में भक्ति का एक ऐसा अनूठा रंग नजर आया कि बड़ी संख्या में श्याम भक्त भजनों पर झूमते हुए दिखाई दिए। भजन गायकों ने अपनी अनूठी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा। इस पूरे कार्यक्रम की लाइव कवरेज नीमकाथाना के सांवरिया स्टूडियो द्वारा मंदिर स्थल से की गई, जिससे बड़ी संख्या में दूर-दराज के श्रद्धालु घर बैठे ही इस लाइव प्रसारण के जरिए इस भक्तिमय आयोजन से जुड़ सके।
देर रात बाबा श्याम को भव्य भोग अर्पित करने के बाद महाआरती के साथ संकीर्तन का समापन किया गया, जिसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं को बाबा के भोग का पवित्र प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के सफल और ऐतिहासिक आयोजन पर श्याम दीवाने परिवार नीमकाथाना ने सभी श्याम भक्तों, भजन कलाकारों, अतिथियों, नगरवासियों एवं आयोजन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों काि हृदय से आभार व्यक्त किया। परिवार की ओर से सभी को जलझूलनी एकादशी की शुभकामनाएं दी गईं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट नीमकाथाना में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सामाजिक और धार्मिक जागरूकता के उद्देश्य से किया गया है। मंदिर समितियों और आयोजकों के नियम सर्वमान्य होते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।