नोएडा के जेवर इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में भीषण आग लगने से नौ लोगों की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है।
स्लीपर बस में लगी भीषण आग
नोएडा, उत्तर प्रदेश। देश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में एक अत्यंत भीषण और दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। नोएडा के जेवर इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती हुई स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लगने से कम से कम नौ लोगों की जलकर मौत हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह स्लीपर बस दिल्ली से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के महुआ के लिए रवाना हुई थी, तभी रास्ते में यह भयानक दुर्घटना घटित हुई। [विडियो] [1]
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार आग इतनी तेज थी कि बस में सवार कई यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के भीतर फंसे यात्रियों को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य तुरंत युद्धस्तर पर शुरू किया गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने के लिए तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए।
उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ितों के परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां उनका विशेष इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासनिक अमला यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि सभी प्रभावित परिवारों और घायलों को समय पर उचित चिकित्सीय और प्रशासनिक सहायता मिल सके।
हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए परिवहन विभाग और फॉरेंसिक टीम की एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बस में भीषण आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी खामी जिम्मेदार थी। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों और लंबी दूरी की बसों की नियमित फिटनेस जांच को लेकर भी अब गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिवहन सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए अधिकारियों को नए सिरे से कड़े निर्देश दिए गए हैं।
भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोकने के लिए राज्य भर के सभी एक्सप्रेसवे और प्रमुख राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जा रहा है। लंबी दूरी तय करने वाली सभी यात्री बसों में अग्निशमन यंत्रों और आपातकालीन निकास द्वारों की अनिवार्यता की कड़ी समीक्षा की जा रही है। परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर वाहन की तकनीकी जांच के बाद ही उन्हें लंबी यात्रा के लिए अनुमति दें। इस भीषण आगजनी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक बार फिर सड़क यात्रा के दौरान सुरक्षा और सतर्कता के पुख्ता इंतजाम करने की अत्यधिक आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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