एक शाम श्री टोंडगढ़ काला-गोरा भैरूजी के नाम भजन संध्या के दौरान श्रद्धालुओं ने शानदार प्रस्तुतियां दीं और देर रात तक भक्ति रस का आनंद लिया।
भजन संध्या
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। कोटा रोड स्थित यश विहार में शाम ढलते ही भैरूजी के जयकारे, भजनों की मधुर तान, तालियों की गूंज और सुरों पर झूमते श्रद्धालुओं के साथ एक बेहद भक्तिमय नजारा दिखाई दिया। नवकार मित्र मंडल, भीलवाड़ा की ओर से आयोजित ‘एक शाम श्री टोंडगढ़ काला-गोरा भैरूजी के नाम’ इस विशाल भजन संध्या में आस्था और संगीत का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला कि उपस्थित श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में सराबोर रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष अतिथियों के सानिध्य में 51 दीपकों से महाआरती के साथ किया गया। इस दौरान गूंजते जयकारों ने पूरे आयोजन स्थल को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री काल भैरव के मुख्य उपासक विद्याप्रकाश जी पडियार (गुरुदेव), श्री नाकोड़ा उपासक कपिल जी पडियार एवं श्री देवनारायण उपासक रतनलाल जी सेन के सानिध्य में 51 दीपकों से महाआरती के साथ किया गया। इस दौरान गूंजते जयकारों ने पूरे आयोजन स्थल को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। महाआरती के बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने इस भजन संध्या के धार्मिक आयोजन का भरपूर आनंद उठाया।
महाआरती के बाद पाली के संगीतकार एवं गायक सोनू सिसोदिया और भीलवाड़ा के प्रेम शंकर जाट ने भैरूजी महाराज की महिमा से जुड़े एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों की बढ़ती लय के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह भी परवान चढ़ता गया, जहाँ कोई तालियां बजाता नजर आया तो कोई भक्ति में झूमता रहा। इस भजन संध्या में पाली से आईं गायिका सोनू सिसोदिया और भीलवाड़ा के प्रेम शंकर जाट के भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से भर दिया।
आयोजन समिति के पवन बोहरा, देवेंद्र डूंगरवाल, पवन सिंघवी व सुष्मित देरासरिया ने बताया कि इस भजन संध्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस धार्मिक उत्सव में विधायक अशोक कोठारी, विधायक लादू लाल पितलिया, समाजसेवी तिलोक छाबड़ा, उपमहापौर राधेश्याम सोमानी सहित कई गणमान्य अतिथि और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस विशाल आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
नवकार मित्र मंडल की ओर से आयोजित इस भजन संध्या का मुख्य उद्देश्य श्री टोंडगढ़ काला-गोरा भैरूजी महाराज के प्रति श्रद्धा और आस्था को भजन-संगीत के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना था। मंडल के सदस्यों व कार्यकर्ताओं के सहयोग से सजा यह आयोजन देर रात तक संगीत, जयकारों और असीम आस्था के साथ संपन्न हुआ।
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