राजस्थान

एसीबी की बड़ी कार्रवाई: वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा

एसीबी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी को पंद्रह हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

जयपुर, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के सख्त और स्पष्ट निर्देशों के बाद एसीबी चौकी जयपुर नगर चतुर्थ की इकाई के द्वारा आज एक बहुत ही बड़ी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। राजधानी के मानसरोवर स्थित पटेल मार्ग पर बने कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी मुकेश माल्या को परिवादी से पंद्रह हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों डिटेन किया गया। आरोपी अधिकारी भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स एण्ड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन के फील्ड ऑपरेशन डिविजन में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहा था। इस पूरी कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

रिश्वत की मांग

एसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी की ग्रीन माउन्टेन जेम्स प्रा. लि. नामक फर्म रत्न पन्ना की मैन्युफैक्चरिंग का कार्य पूरी ईमानदारी से करती है। इस फर्म का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय के द्वारा ही जारी किया गया था। आरोपी अधिकारी मुकेश माल्या के द्वारा परिवादी की फर्म के विरुद्ध अनावश्यक रूप से पेनल्टी लगाने का गंभीर और अनुचित दबाव लगातार बनाया जा रहा था। इसी पेनल्टी की कार्रवाई से बचाने और मामले को हमेशा के लिए रफा-दफा करने की एवज में उससे पंद्रह हजार रुपए की अवैध रिश्वत की मांग की गई थी। तंग आकर इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज कराई गई थी।

सत्यापन और ट्रैप

शिकायत मिलने के तुरंत बाद एसीबी के द्वारा इसका पूरी तरह से सत्यापन कराया गया तथा उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के कुशल और सख्त सुपरवीजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रामजीलाल और उनकी पूरी टीम ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा किया। जैसे ही आरोपी ने परिवादी से रिश्वत के पैसे अपने हाथ में लिए, सतर्क टीम ने तुरंत उसे दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान ही आरोपी ने अपनी पहले से चली आ रही गंभीर किडनी संबंधी बीमारी का हवाला दिया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर उसे तुरंत गणगौरी अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में भर्ती

गणगौरी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा उसकी शारीरिक स्थिति को गंभीरता से देखते हुए उसे तुरंत एस.एम.एस. अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता स्वयं आरोपी के भाई सुरेश कुमार माल्या के साथ उसे लेकर एस.एम.एस. अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर की कड़ी देखरेख में उसका उपचार लगातार जारी है। ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता, अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमाला के मजबूत मार्गदर्शन में इस पूरे प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं पर आगे की कानूनी प्रक्रिया बहुत ही तेजी के साथ पूरी की जा रही है, ताकि कोई भी दोषी बच न सके।

भ्रष्टाचार निवारण

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सभी सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत औपचारिक रूप से प्रकरण दर्ज कर लिया गया है तथा आगे की अनुसंधान प्रक्रिया पूरी निष्पक्षता से शुरू कर दी गई है। ब्यूरो ने राज्य की आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग होने पर तुरंत एसीबी के टोल-फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। एजेंसी ने यह पूरा भरोसा दिलाया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई जा रही इस जंग में सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट पूरी तरह से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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