भीलवाड़ा के आईएमए हॉल में फार्मासिस्ट के कार्यों की सराहना के साथ राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ द्वारा विश्व फार्मासिस्ट दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस समारोह
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। मरीज और सही दवा के बीच फार्मासिस्ट की भूमिका को रेखांकित करते हुए राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस अत्यंत समारोहपूर्वक मनाया गया। आईएमए हॉल में आयोजित इस भव्य और गरिमापूर्ण समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों, प्रबुद्ध चिकित्सकों, फार्मासिस्टों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में फार्मासिस्टों के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करना और उनके कार्यों की सराहना करना था ताकि समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ सके।
मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार रखते हुए जिला औषधि वितरण प्रभारी डॉ अशोक खटवानी ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की मुख्य रीढ़ हैं। मरीज तक सही दवा पहुंचाने के साथ उसके सुरक्षित और उचित उपयोग की पूरी जानकारी देने में फार्मासिस्ट की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सटीक दवा वितरण और सही परामर्श के बिना बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की कल्पना किया जाना बिल्कुल भी संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने सभी फार्मासिस्टों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए ड्रग कंट्रोलर मनीष कुमार ने दवा सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि फार्मासिस्टों की निरंतर सजगता हमेशा गुणवत्तापूर्ण औषधियों की उपलब्धता और उनके सुरक्षित उपयोग को पूरी तरह सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि विपरीत और विषम परिस्थितियों में भी फार्मासिस्ट अपनी निष्ठावान सेवाएं देकर चिकित्सा व्यवस्था को लगातार सुचारू रूप से बनाए रखते हैं। इस अवसर पर वक्ताओं ने चिकित्सा क्षेत्र में आ रही नई चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा की और आपसी तालमेल को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया।
जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम चावला ने अपने संबोधन में भारतीय फार्मेसी के जनक प्रोफेसर एम एल श्रॉफ के महान योगदान और उनके संघर्षों पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर श्रॉफ ने भारत में फार्मेसी शिक्षा और इस पेशे की मजबूत आधारशिला स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। समारोह का एक बेहद भावुक पक्ष तब सामने आया जब जिलाध्यक्ष ने फार्मासिस्टों की मौजूदा समस्याओं और कार्यस्थल से जुड़ी परेशानियों को एक गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जिसने सभागार में मौजूद सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया।
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