ईटानगर और उसके आसपास के क्षेत्रों में डेंगू के मामलों में हो रही वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने डेंगू का अलर्ट जारी किया है।
प्रतीकात्मक फोटो
ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश। पूर्वोत्तर भारत के स्वास्थ्य परिदृश्य से इस वक्त एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जो मौसमी बीमारियों के प्रकोप को उजागर करती है। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी क्षेत्र में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान वायरल बुखार और डेंगू के मामलों में लगातार भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने ईटानगर कैपिटल कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के लिए आधिकारिक तौर पर डेंगू का अलर्ट जारी कर दिया है और सभी संबंधित चिकित्सा संस्थानों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। [1]
विस्तृत जानकारियों के मुताबिक, राजधानी के विभिन्न अस्पतालों और क्लीनिकों में पिछले कुछ दिनों में तेज बुखार, बदन दर्द और प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में मच्छरों के पनपने के अनुकूल मौसम और जलभराव की समस्याओं के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है। स्थानीय चिकित्सा विशेषज्ञों का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि यदि समय रहते वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति आने वाले दिनों में और अधिक गंभीर रूप धारण कर सकती है।
इस उभरते हुए स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू का अलर्ट जारी कर युद्ध स्तर पर निवारक उपाय शुरू कर दिए हैं। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे डेंगू के संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए अपनी टेस्टिंग क्षमता को तुरंत बढ़ाएं और मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों व चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके अलावा, स्वास्थ्य कर्मियों की विशेष टीमों का गठन किया गया है जो स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखे हुए हैं और अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज के आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं।
संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए स्थानीय निकायों और नगर निगम प्रशासन ने राजधानी के विभिन्न वार्डों में व्यापक स्तर पर फॉगिंग (धुआं छिड़काव) और एंटी-लार्व जल छिड़काव अभियान शुरू कर दिया है। डेंगू का अलर्ट जारी कर नागरिकों से यह अपील की गई है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलरों और गमलों की नियमित सफाई करें तथा सोते समय पूरी बांह के कपड़े और मच्छरदानी का उपयोग करें। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस बीमारी से बचाव के लिए जन-जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है, इसलिए लोगों को स्वच्छता के नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आने वाले हफ्तों में मानसून के पैटर्न और उमस भरे मौसम के कारण मच्छरों के प्रजनन में वृद्धि हो सकती है, जिससे सतर्कता में कोई भी ढिलाई भारी पड़ सकती है। राजधानी के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष हेल्प डेस्क बनाए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और लोगों को डेंगू के लक्षणों तथा शुरुआती उपचार के प्रति जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रही हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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