नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे प्रशासन और एसडीआरएफ राहत कार्य में जुटे हैं।
गावों में घुसा बाढ़ का पानी
महराजगंज, उत्तर प्रदेश। नेपाल से छोड़े गए पानी और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। जलस्तर में हुई इस भारी वृद्धि के कारण नदी का पानी उफनकर आसपास के निचले इलाकों और गांवों में प्रवेश कर गया है। इस आपदा की वजह से महराजगंज के लगभग तीन प्रमुख गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। [विडियो]
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार गंडक नदी के जलस्तर में हुई इस अचानक बढ़ोतरी से आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लगभग पांच हजार लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। घरों और खेतों में पानी भर जाने के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
इस विकट स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीमों को तुरंत मैदान में उतार दिया है। प्रशासन और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों द्वारा प्रभावित और जलमग्न क्षेत्रों से स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। रेस्क्यू टीमों की मदद से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे पहले सुरक्षित ठिकानों और राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है।
आपदा की इस घड़ी में प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है और राहत एवं बचाव कार्यों को बेहद तेजी से संचालित किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक राहत सामग्रियां उपलब्ध कराने के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि जब तक जलस्तर पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाता, तब तक राहत और निगरानी दल पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर मुस्तैद रहेंगे।
बाढ़ की चपेट में आए गांवों के लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुँचाने के बाद उनके रहने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले खतरनाक क्षेत्रों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। इस आपदा से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता मुहैया कराई जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट आपदा प्रबंधन और प्राप्त आधिकारिक तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मौसम की स्थिति और प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार राहत कार्यों में बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।