मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित शाही मस्जिद से जुड़े विवाद में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण और संतोषजनक समाधान निकाल लिया गया है।
उज्जैन की शाही मस्जिद - ड्रोन व्यू : फाइल फोटो
उज्जैन, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को आंशिक रूप से हटाने को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था, जिसे अब शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर लिया गया है। शहर काजी खली कुर्रहमान के अनुसार, यह समझौता आपसी सहमति के माध्यम से किया गया है। इस समाधान से स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत यह सड़क विस्तार कार्य बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। [1]
विस्तृत जानकारियों के मुताबिक, शहर काजी खली कुर्रहमान ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से सार्वजनिक अपील जारी करते हुए यह स्पष्ट किया है कि शाही मस्जिद से जुड़ा यह पूरा मामला रविवार की रात को आपसी सहमति से सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया था। उन्होंने नागरिकों से यह साफ तौर पर कहा कि अब मौके पर जाने या भीड़ इकट्ठा करने जैसी कोई आवश्यकता नहीं है। शहर काजी ने यह भी जानकारी दी कि जिस कार्य के पूरा होने का संकल्प लिया गया था, वह वर्तमान में पूरी तरह से निर्धारित योजना के अनुसार किया जा रहा है।
प्रशासन और धार्मिक नेतृत्व ने संयुक्त रूप से शहर के लोगों से यह पुरजोर अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाई जा रही किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। इस प्रकार की गलत सूचनाओं के आधार पर बिना वजह अपने घरों से बाहर निकलकर घटनास्थल पर भीड़ न लगाने का भी विशेष आग्रह किया गया है। अधिकारियों का यह मानना है कि अफवाहों के प्रसार से कई बार अनावश्यक तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे बचने के लिए नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
कान्हाट चौक से गोपाल मंदिर तक की जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण के दायरे में शाही मस्जिद का जो छोटा सा हिस्सा (लगभग 9 फीट गुणा 4 फीट) आ रहा था, उसे लेकर प्रशासन और समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच यह सहमति बनी है कि मस्जिद से जुड़े लोग स्वयं ही उस छोटे हिस्से को हटाएंगे। यह पूरी कार्रवाई आपसी सौहार्द और प्रशासनिक तालमेल के साथ तय की गई है, ताकि विकास कार्यों में भी कोई बाधा न आए और धार्मिक भावनाओं का भी पूरा सम्मान सुरक्षित रहे।
हालांकि रविवार रात को यह सहमति बन चुकी थी, लेकिन सोमवार सुबह कुछ संदेशों के प्रसार के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसके कारण पुलिस को हल्की स्थिति से निपटने के लिए कदम उठाने पड़े थे। वर्तमान में स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा गया है और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। शहर में शांति और कानून व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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