लाडनूं में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ, जिसमें श्रीडूंगरगढ़ परिषद् ने संस्कार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त
सम्मान प्रतीक के साथ कार्यकर्ता
श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर), राजस्थान। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के साठवें वार्षिक अधिवेशन संवर्धनम् का भव्य आयोजन लाडनूं शहर में किया गया। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर की तेरापंथ युवक परिषदों के प्रतिनिधियों एवं युवाओं ने अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ ने भी विभिन्न आयोजनों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सेवा संस्कार और संगठन के क्षेत्र में अपनी बेहद प्रभावी और मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे स्थानीय स्तर पर सभी सदस्यों में भारी उत्साह देखने को मिला।
अधिवेशन के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में विशाल श्रेणी के अंतर्गत संस्कार के क्षेत्र में तेयुप श्रीडूंगरगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह बड़ी उपलब्धि पूरी परिषद् के लिए अत्यंत गौरव का विषय रही। संस्कार निर्माण सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों तथा आध्यात्मिकता के क्षेत्र में परिषद् द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों सक्रियता समर्पण और सेवाभाव का यह एक महत्वपूर्ण परिणाम है। इस सम्मान की घोषणा के साथ ही श्रीडूंगरगढ़ परिषद् के सभी सदस्यों में भारी हर्ष की लहर दौड़ गई और सभी ने एक दूसरे को बधाई दी।
अधिवेशन के दौरान आयोजित तेयुप की बात कार्यक्रम में तेयुप श्रीडूंगरगढ़ के अध्यक्ष विक्रम मालू ने राष्ट्रीय मंच से अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। उन्होंने सेवा केंद्र एवं भजन मंडली विषय पर प्रकाश डालते हुए सेवा गतिविधियों संगठनात्मक सहभागिता तथा युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी के विभिन्न पहलुओं को बहुत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। लाडनूं पहुंचने से पूर्व परिषद् की टीम ने सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री लक्ष्यप्रभा जी का मंगलपाठ श्रवण किया। अधिवेशन के दौरान आचार्य श्री महाश्रमण जी के दर्शन व चरण स्पर्श का सौभाग्य मिला तथा युवाचार्य श्री महावीर मुनि जी सहित अनेक संतों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
बहुश्रुत परिषद् सदस्य मुनि श्री दिनेश कुमार जी मुनि सुमति कुमार जी अभातेयुप के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि श्री योगेश कुमार जी मुनि नय कुमार जी और मुनि अर्हम कुमार जी सहित अनेक संतों ने युवाओं को संबोधित करते हुए सेवा संस्कार और संगठन के विभिन्न आयामों पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया। अधिवेशन के दौरान श्रीडूंगरगढ़ से जुड़े तथा वर्तमान में देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे राष्ट्रीय सहमंत्री प्रथम पवन जी नवलखा सहित लगभग पच्चीस सदस्यों से आत्मीय मिलन का बेहद सुखद अवसर प्राप्त हुआ जिससे आपसी जुड़ाव मजबूत हुआ।
इस अधिवेशन में श्रीडूंगरगढ़ से अध्यक्ष विक्रम मालू उपाध्यक्ष रजत सिंघी मंत्री पीयूष बोथरा कोषाध्यक्ष चमन श्रीमाल एवं जैन संस्कार विधि टीम से प्रदीप पुगलिया ने मुख्य रूप से सहभागिता की। इस भव्य आयोजन में सेवा संस्कार और संगठन के त्रिवेणी संगम के साथ-साथ विकसित भारत में योगदान युवा-किशोरों की बारह व्रत कार्यशाला संतुलित जीवनशैली संस्कृति संरक्षण और डिजिटल विकास जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। संगठन की विभिन्न गतिविधियों को एक वेबसाइट और एप्लीकेशन से जोड़ने का नया प्रकल्प भी सबके सामने रखा गया।
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