तेरापंथ भवन में साध्वी त्रिशला कुमारी के सानिध्य में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने गीत महासंगान किया।
अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का भव्य आरंभ
बीकानेर, राजस्थान। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी द्वारा निर्देशित ‘अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह’ का भव्य आरंभ आज गंगाशहर स्थित तेरापंथ भवन के प्रांगण में सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी के पावन सानिध्य में किया गया। इस अनुष्ठान के प्रथम दिवस को ‘अणुव्रत प्रेरणा दिवस’ के रूप में विशेष उत्साह के साथ मनाया गया, जिसके मुख्य वक्ता अणुव्रत सेवी राजेंद्र जी सेठिया रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति गंगाशहर की पूरी टीम द्वारा प्रस्तुत किए गए अणुव्रत गीत के सामूहिक महासंगान के साथ किया गया, जिसमें स्थानीय श्रावक समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
अणुव्रत समिति के अध्यक्ष करणीदान जी रांका ने इस अवसर पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी ने अपने मंगल पाथेय में स्पष्ट किया कि अणुव्रत जीवन की आचरण पद्धति है, केवल उपासना का मार्ग नहीं है। यह एक ऐसा सार्वभोम नियम और शुद्ध गंगाजल के समान है, जिससे मनुष्य का संपूर्ण जीवन पवित्र हो सकता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि भविष्य की अनावश्यक चिंता करने के बजाय अपने वर्तमान को श्रेष्ठ बनाएं, जिससे स्वतः ही एक सुंदर भविष्य का निर्माण होगा और विश्व में अमन-चैन की प्राप्ति के लिए अणुव्रत को अपनाना अनिवार्य है।
समिति के मंत्री एडवोकेट कन्हैयालाल बोथरा ने बताया कि साध्वीश्री काल्पयशा जी ने अपने उद्बोधन में विचार व्यक्त किए कि हम पहनावे और चेहरे से तो इंसान हैं, किंतु हृदय से सच्चे इंसान हैं या नहीं, यह एक गंभीर चिंतन का विषय है। इस दौरान साध्वी श्री रश्मि प्रभाजी ने ‘अणुव्रत है सोया संसार जगाने के लिए’ शीर्षक से एक अत्यंत मधुर और भावपूर्ण गीतिका का संगान किया। कोषाध्यक्ष विजय बोथरा ने बताया कि मुख्य वक्ता राजेंद्र जी सेठिया ने आचार्यश्री तुलसी के मानवता को दिए गए इस महान अवदान को जीवन का फिल्टर बताते हुए कहा कि यह विश्व की हर समस्या का अचूक समाधान है।
कार्यक्रम के प्रभारी गिरिराज खैरिवाल ने बताया कि इस प्रेरणादायक आयोजन में शहर के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इनमें गोपेश्वर विद्यापीठ, डिसेंट किड्स, अरुणोदय विद्यामंदिर, श्रीजी आइकॉन स्कूल, शांति बाल निकेतन, शांति इंग्लिश एकेडमी और आदर्श शिक्षा निकेतन विद्यालय के छात्र-छात्राएं प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम के सहप्रभारी महेश जी गुप्ता ने बताया कि अंतिम चरण में समिति द्वारा मुख्य वक्ता राजेंद्र जी सेठिया, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्प जैन पटावरी और सभी सहभागी विद्यालयों के प्रतिनिधि शिक्षकों का पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया।
समिति अध्यक्ष करणीदान जी रांका ने बताया कि अणुव्रत समिति गंगाशहर द्वारा गंगाशहर, भीनासर, किशमीदेशर, सुजानदेसर और श्रीरामसर क्षेत्र के लगभग 110 से अधिक विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों तथा सामाजिक संस्थाओं में अणुव्रत गीत के एक साथ संगान हेतु व्यापक संपर्क किया गया था। मंत्री कन्हैयालाल बोथरा ने बताया कि इस अभियान के तहत आज विभिन्न विद्यालयों में अणुव्रत गीत महासंगान का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 15000 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। आचार्य तुलसी द्वारा रचित यह गीत प्रत्येक नागरिक में अच्छे संस्कार और नैतिकता की भावना को जागृत करता है।
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