कोटा में अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता के लिए नाटक का मंचन किया।
एक दिवसीय शिविर
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। देश भर में चलाए जा रहे नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कोटा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से दूसरे एक दिवसीय शिविर का शानदार आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष पीयूष जैन व सचिव अनिमेष जैन ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालाकुंड में एनएसएस स्वयंसेवियों ने विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली लघु नाटक का मंचन किया। इस रचनात्मक प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
प्रस्तुत किए गए इस लघु नाटक के माध्यम से स्वयंसेवियों ने यह बखूबी दिखाया कि किस प्रकार नशे की गिरफ्त में आने के बाद व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब होता है, परिवार की खुशहाली छिन जाती है और उसके सामाजिक जीवन पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस पूरी स्थिति को उन्होंने मंच पर बहुत ही जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए विद्यार्थियों को विशेष रूप से यह संदेश दिया गया कि वे हर हाल में नशे से दूर रहें, एक स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं और एक सशक्त नशा मुक्ति समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन के मुख्य प्रेरणास्रोत अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष जैन, सचिव अनिमेष जैन एवं कोषाध्यक्ष कपिल जैन रहे। इस अवसर पर अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्य डॉ. पिंकी श्रीवास्तव, उपप्राचार्य नम्रता जैन, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा, डॉ. सोनल सहित महाविद्यालय का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। वहीं दूसरी ओर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालाकुंड की प्रधानाचार्या रजनी बड़जात्या सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकगण भी इस आयोजन में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. पिंकी श्रीवास्तव, उपप्राचार्य नम्रता जैन एवं प्रधानाचार्या रजनी बड़जात्या ने सभी एनएसएस स्वयंसेवियों के इस सराहनीय प्रयास की भरपूर प्रशंसा की। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी को नशे के घातक दुष्परिणामों से समय रहते अवगत कराने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम सबसे प्रभावी और असरदार माध्यम हैं। इस प्रकार यह शिविर छात्रों के बीच नशा मुक्ति का एक मजबूत संदेश छोड़ते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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