राजस्थान

गंभीर मरीजों की जांच में मददगार POCUS कार्यशाला 3 अक्टूबर से शुरू

POCUS कार्यशाला में डॉक्टरों को मरीज के पास अल्ट्रासाउंड जांच, गंभीर मरीजों के आकलन और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

बीकानेर, राजस्थान। एस पी मेडिकल कॉलेज एवं पी बी एम अस्पताल के निश्चेतन विभाग तथा ISA सिटी ब्रांच, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में 3 और 4 अक्टूबर 2026 को POCUS कार्यशाला आयोजित होगी। दो दिवसीय कार्यशाला पी बी एम अस्पताल परिसर स्थित ओ टी ए ब्लॉक के सेमिनार हॉल में होगी। निश्चेतन विभागाध्यक्ष एवं आयोजन अध्यक्ष डॉ. कांता भाटी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों को मरीज के पास ही अल्ट्रासाउंड के माध्यम से त्वरित जांच, बेहतर आकलन और गंभीर मरीजों के उपचार में आवश्यक व्यावहारिक कौशल देना है। POCUS कार्यशाला का मुख्य विषय संभावनाओं को देखना, निदान में सुधार और गंभीर मरीजों की देखभाल में बदलाव रखा गया है।

व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर

POCUS कार्यशाला में सैद्धांतिक जानकारी के साथ हैंड्स ऑन प्रशिक्षण पर विशेष जोर रहेगा। प्रतिभागियों को हृदय, फेफड़ों और रक्त वाहिकाओं की अल्ट्रासाउंड जांच का प्रत्यक्ष अभ्यास कराया जाएगा। इसके साथ गंभीर मरीजों के आकलन में पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड के विभिन्न उपयोगों की जानकारी दी जाएगी। कार्यशाला में देश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। इनमें आर्टेमिस हॉस्पिटल गुरुग्राम के डॉ. जीतेंद्र शर्मा, एम्स जोधपुर के डॉ. सादिक मोहम्मद और डॉ. राकेश कुमार, एम्स नई दिल्ली के डॉ. मृत्युंजय कुमार तथा एम्स बठिंडा के डॉ. गोपाल कृष्ण जालवाल शामिल हैं।

तुरंत जांच की सुविधा

POCUS कार्यशाला में चिकित्सकों को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल से परिचित कराया जाएगा। इस तकनीक के माध्यम से चिकित्सक मरीज के पास ही आवश्यक जांच कर सकते हैं और गंभीर स्थिति का तत्काल आकलन कर सकते हैं। कार्यशाला में विशेष रूप से गंभीर और आपातकालीन मरीजों की स्थिति समझने तथा उपचार संबंधी निर्णय में अल्ट्रासाउंड की उपयोगिता पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोजन के दौरान चिकित्सकों को विभिन्न क्लीनिकल परिस्थितियों में POCUS के इस्तेमाल का अभ्यास भी कराया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक बनाना और गंभीर मरीजों के प्रबंधन में चिकित्सकों के कौशल को मजबूत करना है।

क्राइसिस मैनेजमेंट प्रशिक्षण

कार्यशाला में क्राइसिस मैनेजमेंट और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण भी होगा। आपातकालीन परिस्थितियों के लाइव प्रदर्शन और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से चिकित्सकों को संकट की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने तथा मरीज का बेहतर प्रबंधन करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें विभिन्न क्लीनिकल विभागों के रेजिडेंट डॉक्टरों की भागीदारी रहेगी। कार्यशाला को एस पी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा और पी बी एम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी सी घिया का मार्गदर्शन प्राप्त है। दोनों ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। आयोजन में डॉ. सोनाली धवन, डॉ. कीवी मंतन, वर्कशॉप कोऑर्डिनेटर डॉ. सत्यप्रकाश और डॉ. जिनेश सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

अस्वीकरण  (Disclaimer) :

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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