ASIRAJ 2026 में 480 सर्जन और चिकित्सकों ने आधुनिक सर्जरी की तकनीकों पर मंथन किया, युवा डॉक्टरों ने शोध और क्विज में भाग लिया।
ASIRAJ 2026 का आग़ाज
बीकानेर, राजस्थान। ASIRAJ 2026 का शनिवार को रिद्धि सिद्धि रिसोर्ट में आगाज हुआ। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया, राजस्थान चैप्टर (ASIRAJ) के वार्षिक सम्मेलन में राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 480 सर्जन, चिकित्सक और युवा सर्जिकल प्रशिक्षु शामिल हुए। उद्घाटन के साथ दिनभर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें आधुनिक सर्जरी की तकनीकों, उपचार की नई पद्धतियों और भविष्य की चिकित्सा संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। मुख्य अतिथि एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के डॉ. प्रतापसिंह ए वारुटे रहे। एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के पूर्व प्राचार्य एवं प्रख्यात यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमीलाल भट को गेस्ट ऑफ ऑनर से नवाजा गया।
ASIRAJ 2026 के वैज्ञानिक सत्रों में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, हर्निया सर्जरी, रोबोटिक सर्जरी, ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी, डायबिटिक फुट और मिनिमल एक्सेस सर्जरी सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान हुए। पैनल चर्चाओं और वैज्ञानिक प्रस्तुतियों के जरिए देशभर से आए विशेषज्ञों ने आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और अपने अनुभव साझा किए। शोध पत्र, ई पोस्टर और वीडियो प्रस्तुतियों में युवा चिकित्सकों तथा पीजी विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। आयोजन सचिव डॉ. मनोहर एल दवाँ ने सम्मेलन का समन्वय किया। एएसआई राजस्थान चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राज कमल जैन और सचिव डॉ. महेश राव सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
ASIRAJ 2026 में एसपी मेडिकल कॉलेज के पूर्व सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एसपी चौहान को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया। आयोजकों ने बीकानेर में लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जरी की शुरुआत और विकास में उनके योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्हें बीकानेर में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के जनक के रूप में सम्मानित किया गया। सम्मेलन की गतिविधियों के दौरान पीबीएम अस्पताल परिसर के गोल पार्क में पहली बार मोरिंगा का पौधा लगाया गया। इस अवसर पर प्रिंस विजय सिंह को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। आयोजन से जुड़े चिकित्सकों ने पौधारोपण को चिकित्सा सेवा, पर्यावरण संरक्षण और अस्पताल के प्रति सम्मान से जुड़ी पहल बताया।
ASIRAJ 2026 के दौरान आयोजित स्नातकोत्तर क्विज प्रतियोगिता में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर की टीम दूसरे और एम्स जोधपुर के विद्यार्थियों ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में युवा चिकित्सकों की सर्जिकल और मेडिकल जानकारी, क्लिनिकल समझ तथा त्वरित निर्णय क्षमता को परखा गया। विजेता टीमों की उपलब्धि पर सम्मेलन में मौजूद वरिष्ठ विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बधाई दी। क्विज के अलावा युवा चिकित्सकों ने शोध पत्र, ई पोस्टर और वीडियो प्रस्तुतियों के जरिए वैज्ञानिक संवाद में भाग लिया। इससे वरिष्ठ विशेषज्ञों और नई पीढ़ी के सर्जनों के बीच ज्ञान तथा अनुभव के आदान प्रदान का अवसर मिला।
ASIRAJ 2026 के दौरान एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया, राजस्थान चैप्टर की सामान्य सभा की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ आगामी सम्मेलन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। तय किया गया कि अगला ASIRAJ सम्मेलन कोटा में आयोजित किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी सुधा मेडिकल कॉलेज को सौंपी गई है। सम्मेलन के आयोजन के लिए डॉ. आरके शर्मा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। बैठक में आगामी सम्मेलन को वैज्ञानिक और शैक्षणिक दृष्टि से अधिक प्रभावी बनाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों ने आगामी आयोजन की तैयारियों से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया।
ASIRAJ 2026 में आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के साथ चिकित्सा शिक्षा और अनुभव साझा करने पर भी जोर रहा। आयोजन सचिव डॉ. मनोहर एल दवाँ ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य अनुभवी सर्जनों के ज्ञान और आधुनिक तकनीकों को युवा चिकित्सकों तक पहुंचाना है। दिनभर चले वैज्ञानिक कार्यक्रम में लैप्रोस्कोपिक, रोबोटिक, मिनिमल एक्सेस और अन्य सर्जिकल तकनीकों पर चर्चा हुई। सम्मेलन ने वरिष्ठ विशेषज्ञों और युवा चिकित्सकों के बीच संवाद का मंच उपलब्ध कराया। कार्यक्रम के माध्यम से सर्जिकल क्षेत्र में बदलती तकनीकों, उपचार की नई पद्धतियों और भविष्य की चिकित्सा संभावनाओं पर विचार साझा हुए। ASIRAJ 2026 की गतिविधियों में वैज्ञानिक विमर्श के साथ पर्यावरण और संस्थान से जुड़ी पहल भी शामिल रही।
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