JAY की बैठक में आगामी कार्यक्रमों और नई गतिविधियों पर चर्चा हुई। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक, रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने पर विचार हुआ।
JAY की बैठक
नोखा (बीकानेर), राजस्थान। जैन एसोसिएशन ऑफ यूथ JAY की महत्वपूर्ण बैठक सुजानगढ़ रोड स्थित एलिसियन होटल में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत नवकार मंत्र के मंगलाचरण के साथ हुई। इसमें संगठन के आगामी कार्यक्रमों, नई गतिविधियों और समाज के हित में किए जा सकने वाले विभिन्न आयोजनों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। JAY की बैठक में भविष्य में नए और रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने पर विचार विमर्श किया गया। आगामी योजनाओं को लेकर सदस्यों में उत्साह भी देखने को मिला।
JAY की बैठक में संगठन के उद्देश्य और आगामी गतिविधियों पर चर्चा करते हुए जैन समाज के युवाओं को एक मंच पर जोड़ने की दिशा में प्रयासों पर विचार किया गया। संगठन का उद्देश्य सामाजिक, रचनात्मक और जनहित से जुड़े कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। बैठक में सदस्यों ने आने वाले कार्यक्रमों को लेकर अपने सुझाव रखे और युवाओं की प्रतिभा तथा सहभागिता को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। JAY के माध्यम से युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ने और उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में आगामी गतिविधियों की योजना पर भी चर्चा हुई।
JAY की बैठक में आगामी योजनाओं को लेकर उत्साह नजर आया। संगठन के अनुसार आने वाले समय में विभिन्न गतिविधियों और आयोजनों के जरिए युवाओं की प्रतिभा, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। बैठक में समाज के हित से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर सदस्यों ने विचार और सुझाव दिए। JAY का उद्देश्य युवाओं को एक मंच उपलब्ध कराकर सामाजिक और रचनात्मक कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। बैठक में सामने आए सुझावों के आधार पर आगामी कार्यक्रमों और गतिविधियों की दिशा तय करने को लेकर विचार विमर्श किया गया।
अस्वीकरण:
यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। संगठन की आगामी गतिविधियों और योजनाओं से संबंधित जानकारी बैठक में हुई चर्चा तथा उपलब्ध समाचार सामग्री के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।