रामबालक सिंह की प्रथम स्मृति दिवस सभा में परिजनों, पूर्व विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने शिक्षा, समाजसेवा, अनुशासन और उनके योगदान को याद किया।
पुष्पांजलि अर्पित करते शुभचिंतक
बिहारशरीफ, बिहार (कुमुद रंजन सिंह)। स्व. रामबालक सिंह के प्रथम स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। परिजनों, समाजसेवियों, करीबी लोगों, पूर्व विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व, कृतित्व तथा सामाजिक योगदान को स्मरण किया। रामबालक सिंह शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे। वे किशोर विकास विद्यालय के संस्थापक और प्राचार्य रहे। हिंदी और अंग्रेजी व्याकरण के कुशल शिक्षक के रूप में उन्होंने बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को शिक्षित किया। उनके पढ़ाए कई विद्यार्थी आगे चलकर विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारी, समाजसेवी और जिम्मेदार नागरिक बने।
रामबालक सिंह के शिक्षण कार्य से जुड़े लोगों ने बताया कि उनके कार्यकाल में किशोर विकास विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में पहचान बनाई और अपने समय में जिले के चर्चित शिक्षण संस्थानों में शामिल रहा। शिक्षक के रूप में वे हिंदी और अंग्रेजी व्याकरण पढ़ाने में दक्ष माने जाते थे। स्मृति दिवस कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने उनके साथ जुड़े अनुभवों को साझा किया। वक्ताओं ने कहा कि रामबालक सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के साथ उन्हें शिक्षा और जिम्मेदारी के महत्व से भी परिचित कराया। उनके योगदान को उपस्थित लोगों ने श्रद्धा के साथ याद किया।
शिक्षा के साथ रामबालक सिंह का सार्वजनिक और सामाजिक जीवन भी उल्लेखनीय रहा। वे बिहार राज्य नागरिक परिषद के आप्त सचिव के रूप में पूर्व विधायक राम नरेश सिंह के साथ जुड़े रहे। इसके अलावा देशभर में सामाजिक क्षेत्र में पहचान रखने वाले मगध समाज कल्याण प्रतिष्ठान में उन्होंने मार्गदर्शक के रूप में भूमिका निभाई। उनके बड़े पुत्र एवं संवेदक शंभू सिंह, जो मगध समाज कल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष हैं, ने कहा कि पिता ने परिवार को शिक्षा के साथ सेवा, अनुशासन, ईमानदारी और समाज के प्रति जिम्मेदारी के संस्कार दिए। उन्होंने इन्हीं संस्कारों को परिवार की सबसे बड़ी पूंजी बताया।
शंभू सिंह ने बताया कि उनके द्वितीय पुत्र नवीन कुमार सिंह एसएसबी में इंस्पेक्टर के रूप में दिल्ली में सेवा दे रहे हैं, जबकि तृतीय पुत्र प्रवीण कुमार सिंह एयरफोर्स में सेवा देने के बाद वर्तमान में बैंकिंग क्षेत्र में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। रामबालक सिंह के भाई राम किशोर सिंह भी पीडीएस दुकान सहित विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों से जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम में पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कुमुद रंजन सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि रामबालक सिंह के विचार, कार्य, आदर्श और समाज के प्रति प्रतिबद्धता आज भी अनुकरणीय हैं।
कार्यक्रम में रामकिशोर सिंह, शंभू सिंह, नवीन कुमार सिंह, प्रवीण कुमार, जय प्रकाश सिंह, आलोक सिंह, रवि रंजन सिंह, सोनू कुमार, पंकज कुमार, सुभाष, मुन्ना पांडे और राजू पाठक सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। सभी ने रामबालक सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने उनके सरल, अनुशासित और सेवाभावी व्यक्तित्व को याद किया। स्मृति दिवस की यह सभा शिक्षा, सामाजिक सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति उनके जीवन संदेश को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में सामने आई।
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