बाज़ार और निवेश

शेयर बाजार में रौनक, वैश्विक संकेतों से बैंक शेयरों में जोरदार उछाल

शेयर बाजार में तेजी के साथ सोमवार को कारोबार शुरू हुआ, निफ्टी और सेंसेक्स बढ़त में खुले, जबकि PSU बैंक और मेटल शेयरों में खरीदारी का जोर दिखा।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई, महाराष्ट्र। शेयर बाजार ने सोमवार 5 अक्टूबर 2026 को सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच मजबूत शुरुआत की। एशियाई बाजारों में बढ़त और अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों ने तत्काल फेडरल रिजर्व दर बढ़ोतरी की आशंका को कुछ कम किया, जिसका असर भारतीय बाजार की शुरुआती धारणा पर दिखा। निफ्टी 22,532.40 पर खुला और 100 अंक से अधिक या 0.49 प्रतिशत ऊपर रहा। सेंसेक्स भी 400 अंक से अधिक या 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,340.95 पर खुला। शुरुआती कारोबार में ज्यादातर सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में रहे और निवेशकों का रुझान सकारात्मक नजर आया।  [1]

बाजार की शुरुआत

शुरुआती कारोबार में निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल में 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज हुई। निफ्टी रियल्टी 0.93 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी केमिकल्स, निफ्टी FMCG और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.8 प्रतिशत से 0.85 प्रतिशत तक की तेजी रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, निफ्टी IT, निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में शुरुआती कारोबार के दौरान खास हलचल नहीं दिखी। स्वास्थ्य क्षेत्र के शेयरों में मामूली कमजोरी रही और निफ्टी 500 हेल्थकेयर तथा निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में क्रमशः 0.07 प्रतिशत और 0.12 प्रतिशत की गिरावट रही।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार 8 सप्ताह की गिरावट के बाद शेयर बाजार में निकट अवधि में सुधार की गुंजाइश बन सकती है। हालांकि ऊंची कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली अब भी प्रमुख दबाव बने हुए हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि खासकर बड़े शेयरों का मूल्यांकन आकर्षक स्तर पर पहुंचा है, जिससे बाजार मौजूदा प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने की बेहतर स्थिति में हो सकता है। सितंबर के सकारात्मक ऑटोमोबाइल बिक्री आंकड़ों को भी घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत माना गया। आगे की दिशा वैश्विक और घरेलू घटनाक्रमों पर निर्भर रहेगी।

बैंक शेयर आगे

भारतीय शेयर बाजार के लिए रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति इस सप्ताह महत्वपूर्ण कारक है। बाजार विशेषज्ञों को बुधवार को RBI की ओर से नीतिगत दर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की व्यापक उम्मीद है और यह कदम बाजार में पहले ही शामिल माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऊंची फ्लोटिंग लेंडिंग दरों से बैंकों के मार्जिन को समर्थन मिल सकता है। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशक 9,484 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली कर चुके थे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 10,041 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी से बाजार को सहारा दिया। ब्रेंट कच्चा तेल करीब 1 प्रतिशत गिरकर 101.27 डॉलर प्रति बैरल रहा।

शेयर बाजार की इस शुरुआत में वैश्विक संकेतों का असर स्पष्ट दिखाई दिया, लेकिन निवेशकों के सामने कई जोखिम भी बने हुए हैं। अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बदलती उम्मीदें, कच्चे तेल की कीमत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और RBI का आगामी नीतिगत फैसला बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। शुरुआती बढ़त के बावजूद विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की जरूरत बताई है, क्योंकि लगातार कई सप्ताह की गिरावट के बाद आया सुधार अभी शुरुआती चरण में है। बड़े शेयरों के मूल्यांकन में आकर्षण और घरेलू संस्थागत निवेशकों का समर्थन सकारात्मक पक्ष है। विदेशी बिकवाली और वैश्विक वित्तीय परिस्थितियां प्रमुख चुनौती बनी हुई हैं।

अस्वीकरण, Disclaimer:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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