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यूक्रेन में बजट संकट बढ़ा, रूसी हमलों से कर आय और उद्योग प्रभावित

यूक्रेन में बजट संकट गहराया, रूसी हमलों से कर आय प्रभावित, युद्ध खर्च बढ़ा और विदेशी मदद में देरी से सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ा।

By अजय त्यागी 1 min read
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की - फाइल फोटो

कीव, यूक्रेन। यूक्रेन में बजट संकट रूस के साथ जारी युद्ध के बीच गंभीर आर्थिक चुनौती बन गया है। रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने उद्योग, बंदरगाहों, रेलवे और कारोबार को प्रभावित किया है, जिससे सरकारी कर आय पर दबाव बढ़ा है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह में प्रमुख इस्पात संयंत्र और खदानों का काम रूसी हमलों के बाद रुक गया है। सरकार को इस साल अपने वित्तीय अंतर को भरने के लिए 56 अरब डॉलर की जरूरत है, जिसमें 27 अरब डॉलर रक्षा खर्च के लिए हैं। अगले साल का वित्तीय दबाव भी बढ़ता दिख रहा है।   [1]

बजट पर दबाव

यूक्रेन में बजट संकट का सबसे बड़ा कारण युद्ध खर्च और घरेलू राजस्व के बीच बढ़ता अंतर है। संसद की बजट समिति की प्रमुख रोक्सोलाना पिडलासा के अनुसार 2 साल पहले युद्ध का एक दिन करीब 140 मिलियन डॉलर पड़ता था, जो अब बढ़कर 190 मिलियन डॉलर हो गया है। पहले 9 महीनों में यूक्रेन ने रक्षा पर 44 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए, जबकि इसी अवधि में सरकार को करीब 42 अरब डॉलर कर राजस्व मिला। रूसी हमलों के कारण इसी अवधि में बजट को 49.5 अरब ह्रीव्निया यानी करीब 1.1 अरब डॉलर की कर आय का नुकसान हुआ। साल के अंत तक नुकसान 70 अरब ह्रीव्निया तक पहुंचने का अनुमान है।

यूक्रेन में बजट संकट के बीच सरकार ने गैर जरूरी खर्च रोककर सैन्य खर्च, सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री सर्गेई कोरेत्स्की के अनुसार स्थिति चुनौतीपूर्ण है और सभी संसाधनों को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगाना जरूरी है। सरकार ने अगले साल के लिए रिकॉर्ड 110 अरब डॉलर के रक्षा बजट का प्रस्ताव दिया है, जिसमें सहयोगियों से मिलने वाली प्रत्यक्ष सैन्य सहायता शामिल नहीं है। वित्त मंत्री सर्गेई मार्चेंको के अनुसार अगले साल बजट में पहले से 32 अरब डॉलर से अधिक का वित्तीय अंतर मौजूद है। इससे आने वाले समय में सरकार पर अतिरिक्त दबाव की संभावना बनी हुई है।

कर आय पर असर

यूक्रेन में बजट संकट का असर उद्योग और कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। क्रिवी रिह में आर्सेलरमित्तल के खनन और इस्पात परिसर ने रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद पिछले महीने काम रोक दिया। युद्ध से पहले इस्पात उद्योग देश के आर्थिक उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत योगदान देता था, लेकिन अब कई बड़े संयंत्र बंद हैं और निर्यात प्रभावित हुआ है। इस गर्मी रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने कारखानों तथा गोदामों को नुकसान पहुंचाया, जबकि बंदरगाहों और रेलवे पर भी असर पड़ा। कुछ कंपनियों ने संचालन घटाया और कुछ ने नए कारखानों की निवेश योजनाएं रोक दी हैं। इससे अर्थव्यवस्था और कर आय दोनों पर दबाव बढ़ा है।

यूक्रेन में बजट संकट के साथ कृषि और निर्यात क्षेत्र भी दबाव में हैं। रूसी हमलों के कारण सितंबर में काला सागर के यूक्रेनी बंदरगाहों से अनाज निर्यात सालाना आधार पर 36.6 प्रतिशत घट गया। अर्थव्यवस्था मंत्री ओलेक्सांद्र क्रावचेंको के अनुसार इस साल करीब 40 अरब डॉलर की निर्यात आय जोखिम में है। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक 2026 में यूक्रेन की अर्थव्यवस्था की वृद्धि केवल 0.5 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत के बीच रह सकती है, जबकि 2025 में यह 1.8 प्रतिशत थी। युद्ध के बढ़ते खर्च, कमजोर कर आय और कारोबार में घटती गतिविधि ने आर्थिक स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

विदेशी मदद अटकी

यूक्रेन में बजट संकट को विदेशी वित्तीय सहायता में देरी ने भी गंभीर बनाया है। रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से यूक्रेन को पश्चिमी साझेदारों से करीब 200 अरब डॉलर मिल चुके हैं। लेकिन इस साल 29.5 अरब डॉलर की विदेशी सहायता पर जोखिम मंडरा रहा है, क्योंकि सहयोगियों की मांग वाली कर सुधार और भ्रष्टाचार रोधी व्यवस्थाओं से जुड़े कानूनों को पारित करने में देरी हुई है। सरकार ने करीब 900 मिलियन डॉलर के पूंजीगत खर्च को दिसंबर तक टाल दिया है। उसका लक्ष्य 15 अक्टूबर तक जरूरी कानून पारित करना है, ताकि सहायता की राशि हासिल की जा सके। सरकार के लिए यह वित्तीय जरूरत तत्काल प्राथमिकता बन गई है।

यूक्रेन में बजट संकट से निपटने के लिए सरकार अगले साल मिलने वाले 90 अरब यूरो के यूरोपीय संघ के ऋण से कुछ राशि पहले जारी कराने पर भी चर्चा कर रही है। हालांकि बातचीत से जुड़े सूत्रों के अनुसार इससे अगले साल बजट पर दबाव बढ़ने का जोखिम है। वित्त मंत्री सर्गेई मार्चेंको ने यूरोप में जमी रूसी केंद्रीय बैंक की संपत्तियों के इस्तेमाल को भी संभावित समाधान बताया है। यूरोपीय देशों में ऐसी करीब 210 अरब यूरो की रूसी संपत्तियां रोकी गई हैं। इस बीच सरकार घरेलू संसाधन जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन युद्ध का बढ़ता खर्च उसकी वित्तीय क्षमता पर स्पष्ट सीमा लगा रहा है।

अस्वीकरण, Disclaimer:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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