राजस्थान

वन्यजीव सप्ताह में बम्बलू और कतरियासर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बीकानेर में वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत बम्बलू और कतरियासर में जागरूकता कार्यक्रम हुए। ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने संरक्षण की प्रतिबद्धता जताई।

By अजय त्यागी 1 min read
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वन्यजीव सप्ताह में जागरूकता कार्यक्रम

बीकानेर, राजस्थान। बीकानेर में वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत गांव बम्बलू और कतरियासर में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वेटरनरी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट एंड हेल्थ की ओर से हुए इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने भाग लिया। वन्यजीव सप्ताह 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक डॉ. जे.पी. कच्छावा ने वन्यजीव सप्ताह के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सप्ताह तक चलने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण के प्रति समाज में निरंतर जागरूकता और जिम्मेदारी विकसित करने का अवसर है।

जनभागीदारी

केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक डॉ. जे.पी. कच्छावा ने कहा कि वन्यजीव पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों, पशु चिकित्सकों और विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग या विशेषज्ञों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को संरक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियों और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता की जानकारी दी गई।

उपस्थिति 

कार्यक्रम में डॉ. प्रियंका राठौड़ ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी समझाया। वन्यजीव सप्ताह के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जनभागीदारी के महत्व को सामने रखा गया। आयोजन में संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में बताया गया।

जागरूकता 

वन्यजीव सप्ताह के तहत बम्बलू और कतरियासर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में वन्यजीवों के संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सहभागिता रही। डॉ. जे.पी. कच्छावा ने वन्यजीवों की पारिस्थितिक भूमिका और संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। डॉ. प्रियंका राठौड़ ने वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के महत्व पर जानकारी दी। वन्यजीव सप्ताह के आयोजन के दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

अस्वीकरण (Disclaimer) :

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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