मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत रैली और पोस्टर विमोचन हुआ। विद्यार्थियों को समय पर परामर्श और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता रैली
बीकानेर, राजस्थान। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, नशे से बचाव का संदेश देने तथा मानसिक रोगों को लेकर भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने के उद्देश्य से पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के चौथे दिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। मेडिकल और नर्सिंग विद्यार्थियों की सहभागिता से जनजागरूकता पैदल रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल तथा जिला नोडल अधिकारी डीएमएचपी डॉ. हरफूल सिंह ने किया। रैली में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता रैली मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग से शुरू होकर पीबीएम अस्पताल परिसर से होते हुए मेडिकल चौराहा पहुंची। मेडिकल और नर्सिंग विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता संदेश लेकर मानसिक समस्याओं के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते विशेषज्ञ परामर्श और उपचार लेने की अपील की। रैली के माध्यम से विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण की आवश्यकता का संदेश दिया गया। इस दौरान सहायक आचार्य डॉ. एम.डी. स्वामी, सीनियर रेजिडेंट डॉ. मांगीलाल, नर्सिंग सुपरवाइजर प्रेम कुमार, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर रविंद्र सक्सेना एवं लालचंद, सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र भाटी सहित विभाग के चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी और स्टाफ मौजूद रहे।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत एक कोचिंग संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विनोद पंचारिया एवं राजी राम जी ने पोस्टर का विमोचन किया। पोस्टर के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों को मानसिक समस्याओं के शुरुआती लक्षण पहचानने, तनाव और अन्य मानसिक समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखने का संदेश भी दिया गया। रैली मेडिकल चौराहा पहुंचने के बाद वापस मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग लौटी, जहां इसका समापन हुआ।
विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा है और इसके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के जरिए लोगों को मानसिक समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार के महत्व की जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समय पर उचित उपचार और परामर्श मिलने पर संबंधित व्यक्ति को बेहतर और सामान्य जीवन जीने में मदद मिल सकती है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद करने की आवश्यकता बताई। मानसिक बीमारी को कमजोरी या सामाजिक कलंक के रूप में देखने के बजाय अन्य बीमारियों की तरह उपचार योग्य स्वास्थ्य समस्या के रूप में समझने की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें नशे की प्रवृत्ति से बचाना भी जरूरी है। स्वस्थ मन, सकारात्मक सोच और नशामुक्त जीवनशैली से सक्षम और उत्पादक समाज के निर्माण में मदद मिल सकती है। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत इसी सोच के साथ विभिन्न वर्गों तक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने मानसिक समस्याओं के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और आवश्यकता होने पर समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने पर जोर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, नशे से दूरी बनाए रखने और मानसिक रोगों को लेकर सामाजिक कलंक कम करने का संदेश दिया गया।
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