तरंग शक्ति 2026 के दूसरे चरण में जोधपुर के आसमान में सूर्यकिरण और सारंग टीमें करतब दिखाएंगी। सुखोई समेत कई विमान भी प्रदर्शन में शामिल होंगे।
प्रतीकात्मक फोटो
जोधपुर, राजस्थान। तरंग शक्ति 2026 के दूसरे चरण में गुरुवार को जोधपुर के आसमान में भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर एरोबेटिक टीम अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी। सूर्यकिरण टीम सुबह 10 बजे लाल रंग के किरण हॉक विमानों के साथ उड़ान भरेगी। इसके साथ सुखोई लड़ाकू विमान भी प्रदर्शन में शामिल होंगे। रक्षा प्रवक्ता कार्यालय के अनुसार विदेशी मेहमानों के सामने सारंग और सूर्यकिरण टीमें अपने करतब दिखाएंगी। कार्यक्रम में एलसीएच हेलीकॉप्टर, एडब्ल्यूडीटी टीम, एलसीए और प्रचंड की क्षमताओं का प्रदर्शन भी आज प्रस्तावित है। [1]
तरंग शक्ति 2026 का आयोजन 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर हो रहा है। भारतीय वायुसेना के इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायुसेनाएं भाग ले रही हैं। अभ्यास का विषय पावर इन पार्टनरशिप है, जिसमें संयुक्त प्रशिक्षण, परिचालन अनुभव साझा करने और आपसी तालमेल बढ़ाने पर जोर है। विदेशी विमानों में एफ 35 लाइटनिंग, राफेल, एफ 16, ए 400 एम, एमआरटीटी, सी 130, सी 130 जे और केसी 30 ए जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
जोधपुर में होने वाला यह प्रदर्शन सिर्फ हवाई करतब तक सीमित नहीं है। तरंग शक्ति 2026 के दौरान भाग लेने वाले देशों के वायु सैनिक पेशेवर अनुभव साझा कर रहे हैं और एक दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं को समझ रहे हैं। भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने अभ्यास में शामिल मित्र देशों के अधिकारियों से मुलाकात भी की है। इस बातचीत में पेशेवर आदान प्रदान, आपसी समझ और अंतरराष्ट्रीय सौहार्द पर जोर रहा। अभ्यास के दौरान सांस्कृतिक और आउटरीच गतिविधियां भी रखी गई हैं, जिससे सैन्य सहयोग के साथ व्यापक संवाद को बढ़ावा मिल रहा है।
तरंग शक्ति 2026 के समापन कार्यक्रम को लेकर भी तैयारियां जारी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 10 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जोधपुर पहुंचने और विदेशी सैन्य दलों से संवाद करने की योजना है। आधिकारिक समापन 11 अक्टूबर को होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद विदेशी टुकड़ियां अपने अपने देशों के लिए रवाना होंगी। इस बीच गुरुवार का प्रदर्शन स्थानीय लोगों और अभ्यास से जुड़े मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। सूर्यकिरण के लाल विमानों और सारंग हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन के साथ भारतीय वायुसेना अपनी एरोबेटिक क्षमता और सटीक उड़ान कौशल प्रदर्शित करेगी।
तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण भारत और मित्र देशों की वायुसेनाओं को साथ प्रशिक्षण का अवसर दे रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह अभ्यास 12 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें संयुक्त प्रशिक्षण, परिचालन विशेषज्ञता के आदान प्रदान तथा इंटरऑपरेबिलिटी पर ध्यान दिया जा रहा है। जोधपुर चरण में अलग अलग देशों के लड़ाकू, परिवहन और ईंधन भरने वाले विमान साथ काम कर रहे हैं। सूर्यकिरण और सारंग का प्रदर्शन इस बड़े अभ्यास के पेशेवर और सार्वजनिक आकर्षण को बढ़ा रहा है। तरंग शक्ति के जरिए भारतीय वायुसेना साझेदार देशों के साथ अनुभव साझा करते हुए समन्वय और आपसी समझ को मजबूत कर रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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