राजस्थान

पशुधन पोषण में टिकाऊ बदलाव की पहल, विशेषज्ञों को मिलेगा नया मंच

पशुधन पोषण पर 10 दिवसीय शॉर्ट कोर्स 28 नवंबर से शुरू होगा। जलवायु अनुकूल तकनीकों, टिकाऊ पद्धतियों और पशुधन उत्पादन की स्थिरता पर मंथन होगा।

By अजय त्यागी 1 min read
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फोल्डर का विमोचन

बीकानेर, राजस्थान। राजस्थान पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर के पशु पोषण विभाग की ओर से भारतीय कृषि अनुसंधान, नई दिल्ली द्वारा वित्त पोषित 10 दिवसीय शॉर्ट कोर्स आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 28 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक जलवायु अनुकूल पोषण, पशुधन उत्पादन की स्थिरता और लचीलेपन को बढ़ाने विषय पर होगा। गुरुवार को कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने शॉर्ट कोर्स के फोल्डर का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और पशुपालकों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप उन्नत एवं टिकाऊ पशुधन पोषण पद्धतियों को समझने और विकसित करने में मदद मिलेगी।

पोषण पर विशेष जोर

पशुधन पोषण से जुड़ा यह शॉर्ट कोर्स जलवायु परिवर्तन की परिस्थितियों में पशुधन उत्पादन को अधिक टिकाऊ और लचीला बनाने पर केंद्रित रहेगा। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास के अनुसार इस पहल से पशुधन की उत्पादकता और स्वास्थ्य में सुधार के साथ संसाधनों के कुशल उपयोग में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा उत्पादन लागत में कमी और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने में भी यह पहल सहायक होगी। कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित क्षेत्र से जुड़े लोगों को ऐसी उन्नत पद्धतियों की जानकारी देना है, जो बदलती जलवायु परिस्थितियों में पशुधन उत्पादन की स्थिरता को बेहतर बनाने में उपयोगी हों।

विशेषज्ञों को मिलेगा मंच

शॉर्ट कोर्स के निदेशक डॉ. राजेश नेहरा हैं, जबकि डॉ. दिनेश जैन, डॉ. अरुण झीरवाल और डॉ. अमित चौधरी समन्वयक हैं। फोल्डर विमोचन के दौरान वेटरनरी महाविद्यालय बीकानेर के अधिष्ठाता प्रो. बी.एन. श्रृंगी, निदेशक प्रसार शिक्षा प्रो. राजेश कुमार धूड़िया, निदेशक पी.एम.ई. प्रो. मनीषा माथुर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनीता पारीक और समन्वयक जनसंपर्क प्रकोष्ठ डॉ. देवीसिंह उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और पशुपालकों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप पशुधन पोषण की उन्नत और टिकाऊ पद्धतियों को समझने का अवसर मिलेगा। आयोजन पशुधन क्षेत्र में संसाधनों के बेहतर उपयोग और उत्पादन की स्थिरता से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहेगा।

आयोजन की तैयारी

कुलगुरु ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पशुधन की उत्पादकता और स्वास्थ्य में सुधार के साथ संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करने वाली पद्धतियों को समझना है। शॉर्ट कोर्स के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने और पशुधन उत्पादन को अधिक टिकाऊ बनाने से जुड़े विषयों पर जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम 28 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक आयोजित होगा। दिशानिर्देश और कार्यक्रम से जुड़े अन्य प्रबंधों की जिम्मेदारी निदेशक और समन्वयकों की टीम संभालेगी। संस्थान की ओर से इस आयोजन को पशुधन पोषण और जलवायु अनुकूल उत्पादन पद्धतियों की दिशा में उपयोगी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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