अंतरराष्ट्रीय

रूसी डीजल निर्यात से रूस को कमाई, जेलेंस्की ने ट्रंप की आलोचना की

रूसी डीजल निर्यात पर जेलेंस्की ने ट्रंप की आलोचना की। रूस को डीजल बेचने की छूट से युद्ध को धन और शांति वार्ता को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई।

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

प्रतीकात्मक फोटो

कीव, यूक्रेन। रूसी डीजल निर्यात को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बनी सहमति पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि रूस को अमेरिका और वैश्विक बाजारों में डीजल बेचने की अनुमति मिलने से मॉस्को को युद्ध जारी रखने के लिए अतिरिक्त धन मिल सकता है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों से होने वाली कमाई रूस की सैन्य क्षमता को बनाए रखने में मदद कर सकती है। उन्होंने इस फैसले को मजबूत साझेदारों का कमजोर निर्णय बताया और शांति प्रयासों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई।  [1]

सौदे पर सवाल

रूसी डीजल निर्यात की घोषणा ट्रंप ने शुक्रवार को पुतिन के साथ बातचीत के बाद की। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि रूस तत्काल 300000 टन से अधिक डीजल अमेरिका और वैश्विक बाजारों में उपलब्ध कराएगा। इसके बाद नवंबर में 500000 टन और फिर 1000000 टन डीजल की आपूर्ति की योजना बताई गई। ट्रंप ने इस व्यवस्था को ईंधन की कीमतें तेजी से घटाने की दिशा में अहम कदम बताया। हालांकि, जेलेंस्की ने आशंका जताई कि इस व्यापार से रूस को मिलने वाला राजस्व युद्ध जारी रखने में मदद कर सकता है। दोनों नेताओं के बयानों से इस फैसले को लेकर अलग अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं।

अमेरिकी वित्त विभाग ने रूसी डीजल निर्यात को संभव बनाने के लिए प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने वाला लाइसेंस भी जारी किया। इससे प्रस्तावित आपूर्ति व्यवस्था को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला। जेलेंस्की ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि रूस को पेट्रोलियम उत्पादों से कमाई करने देना उस युद्ध को आर्थिक मदद देने जैसा है जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन को ऐसे लाभ देने से शांति या सभ्य दुनिया को कोई फायदा नहीं होगा। दूसरी ओर, ट्रंप ने ईंधन की कीमतें घटने की उम्मीद जताई है। उपलब्ध रिपोर्ट में प्रतिबंधों में दी गई छूट की अवधि का विस्तृत उल्लेख नहीं है।

वार्ता पर असर

रूसी डीजल निर्यात की घोषणा ऐसे समय हुई जब यूक्रेन का वार्ता प्रतिनिधिमंडल फ्लोरिडा में अमेरिकी अधिकारियों के साथ 2 दिनों तक चर्चा कर रहा था। इस बातचीत में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल थे। चर्चा का उद्देश्य रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने के संभावित उपाय तलाशना था। इसमें ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने के लिए संघर्षविराम के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। जेलेंस्की ने घोषणा के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूक्रेनी प्रतिनिधि लड़ाई रोकने के रास्ते तलाश रहे थे, जबकि अमेरिका और रूस के बीच डीजल आपूर्ति की सहमति सामने आई।

जेलेंस्की ने यह आशंका भी जताई कि फ्लोरिडा में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का इस्तेमाल अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते से ध्यान हटाने के लिए किया जा सकता था। यह उनकी ओर से व्यक्त की गई आशंका थी, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं। उन्होंने कहा कि रूस को डीजल बेचने से होने वाली कमाई सैन्य अभियान जारी रखने और यूक्रेन के लोगों की पीड़ा बढ़ाने में मदद कर सकती है। रूसी डीजल निर्यात को लेकर उनका मुख्य विरोध इसी आर्थिक लाभ से जुड़ा है। वहीं, ट्रंप ने समझौते को ईंधन बाजार के लिए लाभकारी बताया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की प्राथमिकताओं में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

#Zelenskyy #DonaldTrump #VladimirPutin #RussiaUkraineWar #RussianDiesel #UkraineNews #USRussiaRelations #GlobalEnergy
Read Full Article on RexTV India