बीकानेर में वन्देमातरम मातृशक्ति टीम नौ दिन कन्या पूजन करेगी। पहला आयोजन 11 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे बाबा रामदेव मंदिर में होगा, सभी आमंत्रित।
प्रतीकात्मक फोटो
बीकानेर, राजस्थान। शारदीय नवरात्र के अवसर पर वन्देमातरम मातृशक्ति टीम ने नौ दिनों तक कन्या पूजन महोत्सव आयोजित करने की पहल की है। टीम की ओर से 11 अक्टूबर 2026 से शहर के अलग अलग मोहल्लों में यह आयोजन किया जाएगा। मातृशक्ति टीम की अध्यक्ष कामिनी भोजक के नेतृत्व में इस पहल का उद्देश्य कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन, सम्मान और सत्कार करना है। आयोजकों का कहना है कि कन्या पूजन को केवल नवमी तक सीमित रखने के बजाय नवरात्र के प्रत्येक दिन यह परंपरा निभाने का प्रयास किया जाएगा।
शारदीय नवरात्र हिंदू परंपरा में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की आराधना का पर्व है। वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होंगे। धार्मिक परंपरा के अनुसार इन दिनों में श्रद्धालु पूजा, व्रत और विभिन्न अनुष्ठानों के माध्यम से देवी की उपासना करते हैं। कई परिवारों में अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन किया जाता है, जिसमें कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर आदर दिया जाता है। वन्देमातरम मातृशक्ति टीम इसी परंपरा को लगातार 9 दिनों तक आयोजित कर नारी सम्मान का संदेश देना चाहती है।
टीम की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, महोत्सव का पहला आयोजन रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे बाबा रामदेव जी मंदिर में रखा गया है। मंदिर पुरानी जेल वेल टंकी के पास स्थित है। वन्देमातरम मातृशक्ति टीम ने श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होने और मां का आशीर्वाद लेने का आग्रह किया है। आयोजकों की योजना के अनुसार, इसके बाद शहर के अलग अलग मोहल्लों में अगले 8 दिनों तक कन्या पूजन के कार्यक्रम होंगे। हर आयोजन में कन्याओं के सम्मान और सेवा को केंद्र में रखने की बात कही गई है।
वन्देमातरम मातृशक्ति टीम ने इस पहल को सेवा, संस्कार, सनातन परंपरा और नारी सम्मान से जुड़ा प्रयास बताया है। टीम का संदेश है कि जब नवरात्र के 9 दिनों में मां दुर्गा के अलग अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है, तो कन्या स्वरूप में मातृशक्ति का सम्मान भी हर दिन किया जा सकता है। अध्यक्ष कामिनी भोजक और टीम के सदस्यों की ओर से श्रद्धालुओं को इस आयोजन में सहभागी बनने का निमंत्रण दिया गया है। कन्या पूजन महोत्सव के जरिए टीम नवरात्र की धार्मिक भावना के साथ कन्याओं के प्रति आदर और सम्मान को भी प्रमुखता देना चाहती है।
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