मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह में योग, ध्यान, पोस्टर प्रतियोगिता और क्षमापात्र जैसी पहल हुई। बीकानेर की टीम को राज्य स्तर पर सम्मान मिला।
बीकानेर की टीम को राज्य स्तर पर सम्मान मिला
बीकानेर, राजस्थान। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त समाज का संदेश देने के उद्देश्य से पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई की ओर से आयोजित विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस जागरूकता सप्ताह का शनिवार, 10 अक्टूबर को समापन हुआ। सप्ताहभर विद्यार्थियों, युवाओं, स्वास्थ्यकर्मियों और आमजन के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और कलंक को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया। अभियान के माध्यम से लोगों को मानसिक परेशानियों को समझने, समय पर सहायता लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और वैज्ञानिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों और विभागीय कर्मचारियों के लिए शैक्षणिक तथा व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल, प्रोफेसर डॉ. हरफुल बिश्नोई, सहायक प्रोफेसर डॉ. मुरलीधर स्वामी, सीनियर रेजिडेंट डॉ. मांगीलाल और डॉ. अर्चना अग्रवाल सहित चिकित्सकों ने गतिविधियों में भाग लिया। डीएमएचपी से विनोद पंचारिया और राजीराम ने सहयोग किया। सत्रों में मानसिक समस्याओं की समय पर पहचान, वैज्ञानिक उपचार, मरीजों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और भावनात्मक सहयोग के महत्व पर जानकारी दी गई।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए कार्यक्रम में फॉरगिवनेस बिन यानी क्षमापात्र की अभिनव पहल की गई। खुशबू मेघवाल और नीतू राठौड़ ने इस पहल को तैयार किया। इसका उद्देश्य मानसिक तनाव, मन में संचित नकारात्मक भावनाओं और अप्रिय अनुभवों को छोड़कर सकारात्मकता अपनाने का संदेश देना था। आयोजकों के अनुसार, यह पहल प्रतिभागियों को भावनात्मक बोझ कम करने और मानसिक हल्कापन महसूस करने की दिशा में प्रेरित करने का माध्यम बनी। उपस्थित लोगों ने इसकी सराहना की। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल में भावनाओं को समझना और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी महत्वपूर्ण है।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जीएनएम वर्ग में अरुण प्रजापत, मयंक प्रजापत और नवीन गोदारा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीएससी नर्सिंग वर्ग में खुशी बुडानिया, नंदिनी पारीक, तरुणा, नीतू राठौड़, नोरिन पंवार, निकिता शेखावत, दीपिका चौधरी और सुनीता हुड्डा ने द्वितीय स्थान हासिल किया। बीएससी नर्सिंग वर्ग में डिम्पल, मानसी, मंजीता और पूजा तृतीय स्थान पर रहीं। जीएनएम वर्ग में नेहा बारठ और धर्मेंद्र राव को तृतीय स्थान मिला। प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रचनात्मक माध्यम से प्रस्तुत किया।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के दौरान शारीरिक और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने के लिए योग, ध्यान और प्राणायाम के विशेष सत्र भी आयोजित किए गए। विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल ने सप्ताहभर की गतिविधियों की जानकारी दी। समापन समारोह में उनके साथ सहायक प्रोफेसर डॉ. राकेश गढ़वाल, गवर्नमेंट नर्सिंग स्कूल के प्राचार्य अब्दुल वहीद तथा व्याख्याता ललिता तंवर और सुनीता शेखावत उपस्थित रहे। आयोजन के संचालन में मैटर्न ऑफिस, नर्सिंग अधिकारियों, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, एटीएफ स्टाफ, साइक्रेटिक सोशल वर्कर, काउंसलर और अन्य कर्मचारियों ने योगदान दिया। जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मानसिक रोग जागरूकता, आत्महत्या रोकथाम और नशामुक्ति के लिए किए गए कार्यों के तहत बीकानेर जिले की टीम को विशेष सम्मान दिया गया।
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