नंदी रेस्क्यू में 15 दिन बाद सफलता मिली। नंदी के दोनों सींग घूमकर आंखों में घुस रहे थे। ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश कर दोनों सींग काटे गए और जान बचाई गई।
घायल नंदी का उपचार किया गया
नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। आंगबाड़ी क्षेत्र में 15 दिन से घायल नंदी को बचाने के लिए चल रहा अभियान आखिरकार सफल हुआ। नंदी के दोनों सींग घूमकर उसकी दोनों आंखों में घुस रहे थे, जिससे उसकी आंखों और जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खबर आने के बाद मामले में तेजी आई। मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप और नरेंद्र सोनी के प्रयासों से जयपुर और जोधपुर से ट्रेंकुलाइजर टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रथम नवरात्रि के दिन चलाए गए अभियान में नंदी को बचाया गया। रेस्क्यू के दौरान उसके दोनों सींग काटे गए। अब नंदी खतरे से बाहर है। [विडियो]
एडीएम भागीरथ साख के निर्देशन में नंदी रेस्क्यू के लिए संयुक्त अभियान चलाया गया। इसमें श्रीजी सेवा समिति, गौरक्षक दलों, वन विभाग, चिकित्सालय विभाग और नगर पालिका की टीमें शामिल हुईं। मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बढ़ा और जयपुर तथा जोधपुर से ट्रेंकुलाइजर विशेषज्ञों को बुलाया गया। नरेंद्र सोनी ने टीमों को जुटाने में प्रयास किए। ट्रेंकुलाइजर गन की मदद से नंदी को नियंत्रित कर उसके दोनों सींग काटे गए। इस कार्रवाई में विभिन्न विभागों और पशुसेवा से जुड़े समूहों ने मिलकर काम किया। करीब 15 दिन से चल रहे बचाव प्रयासों के बाद नंदी की जान बचाने में सफलता मिली।
नंदी रेस्क्यू अभियान में स्थानीय टीम और बाहर से आई विशेषज्ञ टीमों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहा। दीपचंद और मूंगा राम सहित स्थानीय वन विभाग के सदस्यों ने मौके पर जिम्मेदारी संभाली। स्थानीय निवासी महेंद्र और उनकी टीम ने भी बचाव प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई। जयपुर और जोधपुर से आई ट्रेंकुलाइजर टीमों के सहयोग से नंदी को नियंत्रित करने और उसके दोनों सींग काटने की कार्रवाई पूरी की गई। दोनों सींगों के आंखों की ओर घूमने के कारण नंदी की स्थिति गंभीर थी। संयुक्त अभियान के बाद उसकी जान बच गई। इस घटना को राजस्थान में ट्रेंकुलाइजर गन से नंदी के रेस्क्यू की पहली घटना बताया जा रहा है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
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