दिल्ली

विपक्षी मार्च से पहले CJI सूर्यकांत का जवाब, न्यायिक प्रक्रिया अपनाएं 

सीजेआई सूर्यकांत ने INDIA गठबंधन से मिलने से इनकार किया। मतदाता सूची विवाद पर विपक्षी नेताओं से कहा कि राहत के लिए न्यायिक प्रक्रिया अपनाएं।

By अजय त्यागी 1 min read
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मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत - फाइल फोटो

नई दिल्ली, दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने 12 अक्टूबर 2026 को INDIA गठबंधन के नेताओं से मुलाकात करने से इनकार कर दिया। विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने से पहले उनसे मिलने और ज्ञापन सौंपने का समय चाहते थे। इस ज्ञापन में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण, कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे जैसे मुद्दे उठाए जाने थे। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि उन्हें मुलाकात का अनुरोध मिला था और उन्होंने रविवार रात ही जवाब भेजकर मिलने में असमर्थता के कारण बता दिए थे।  [1]  [विडियो]

कानूनी रास्ता चुनें 

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। दोनों नेता लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। वे ज्ञापन के जरिए चुनावी सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े आरोपों पर ध्यान दिलाना चाहते थे। सीजेआई सूर्यकांत ने नेताओं को न्यायिक प्रक्रिया के जरिए राहत मांगने का रास्ता बताया। संबंधित मुद्दे पहले से अदालत के विचाराधीन होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर मुलाकात उचित नहीं मानी गई। विपक्ष के आरोपों को अदालत का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

विपक्ष की प्रमुख मांगें

INDIA गठबंधन की मांगों में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया रोकना, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और कथित वोट चोरी के आरोपों पर कार्रवाई शामिल थी। विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया नियमों के तहत होती है। मृत, दूसरी जगह जा चुके या जिनका सत्यापन नहीं हो सका, ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने नेताओं को अपनी मांगों के लिए न्यायिक प्रक्रिया अपनाने की ओर निर्देशित किया।

सुप्रीम कोर्ट का रुख

सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर व्यक्ति के लिए खुले हैं। उनके मुताबिक, कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित प्रतिनिधि याचिका दाखिल कर सकता है और अदालत कानून के अनुसार उचित राहत पर विचार करेगी। उन्होंने मुलाकात से इनकार करने के कारणों का उल्लेख अपने जवाब में किया, लेकिन सार्वजनिक रूप से उन कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया। विपक्षी नेताओं को अदालत में याचिका के जरिए अपनी मांगें रखने का विकल्प उपलब्ध है। इस घटनाक्रम के बीच न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मांगों को लेकर बहस तेज हो गई है।

सुरक्षा कड़ी

विपक्षी दलों ने 12 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध मार्च निकालने की योजना बनाई। इस मार्च के दौरान सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचकर ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम था। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और सुरक्षा कारणों से 6 मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद किए गए। दिल्ली पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और बदलाव लागू किए। सीजेआई सूर्यकांत से मुलाकात नहीं होने के बावजूद विपक्षी दल अपनी मांगों को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ा सकते हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर यह राजनीतिक विवाद अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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