दशहरे पर रावण दहन के लिए 65 फीट रावण, 60 फीट कुंभकरण और 55 फीट मेघनाथ के पुतले बन रहे हैं। पहली बार विजय यज्ञ और रिमोट दहन होगा।
रावण दहन की तैयारियां
अलवर, राजस्थान। दशहरे पर इस बार रावण दहन कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए पुरुषार्थी समाज समिति की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही हैं। 20 अक्टूबर को दशहरा मैदान में होने वाले आयोजन के लिए आगरा के कारीगर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले तैयार कर रहे हैं। इस वर्ष 65 फीट ऊंचा रावण, 60 फीट ऊंचा कुंभकरण और 55 फीट ऊंचा मेघनाथ का पुतला बनाया जा रहा है। आयोजन की खास बात यह है कि पहली बार रावण दहन से पहले विजय यज्ञ होगा और पुतलों का दहन रिमोट तकनीक से किया जाएगा। [1] [विडियो]
पुरुषार्थी समाज समिति के अध्यक्ष कुलदीप कालरा के अनुसार, दशहरे पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा इस वर्ष भी जारी रहेगी। आयोजन की तैयारियों के तहत दशहरा मैदान में तीनों पुतलों का निर्माण शुरू हो चुका है। आगरा से आए कारीगर 65 फीट के रावण, 60 फीट के कुंभकरण और 55 फीट के मेघनाथ के पुतले तैयार कर रहे हैं। समिति का लक्ष्य 20 अक्टूबर से पहले निर्माण कार्य पूरा करना है। इस बार पुतलों को विशेष स्वरूप दिया जा रहा है। रावण के सिर, आंख और हाथ भी घूम सकेंगे, जिससे दहन के दौरान दर्शकों को अलग आकर्षण देखने को मिलेगा।
दशहरे पर इस बार रावण दहन कार्यक्रम में तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा। समिति अध्यक्ष कुलदीप कालरा ने बताया कि पहली बार अलवर में पुतलों का दहन रिमोट से किया जाएगा। इसके तहत भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाला पात्र पारंपरिक तरीके से बाण चलाने के बजाय रिमोट का बटन दबाकर पुतलों का दहन करेगा। यह व्यवस्था आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में शामिल होगी। इसके अलावा, रावण दहन से पहले विजय यज्ञ का आयोजन भी पहली बार किया जा रहा है। समिति का प्रयास है कि दशहरा उत्सव में पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रमों के साथ नई तकनीक का इस्तेमाल भी दर्शकों के लिए आकर्षण बने।
समिति अध्यक्ष ने बताया कि पहले अलवर में रावण और अन्य पुतले तैयार करने के लिए डीग के कारीगरों को बुलाया जाता था। इस वर्ष समाज के पदाधिकारियों और लोगों के सुझाव पर आगरा के कारीगरों को चुना गया है। रावण दहन कार्यक्रम के लिए तीनों पुतलों का निर्माण दशहरा मैदान में किया जा रहा है। पुतले तैयार करने के लिए बरेली से बांस मंगवाए गए हैं, जबकि दिल्ली से ग्लेज्ड पेपर लाया गया है। इन सामग्रियों से पुतलों का ढांचा और बाहरी स्वरूप तैयार किया जा रहा है। समिति के अनुसार, तीनों पुतलों को निर्धारित तारीख से पहले तैयार करने की योजना है।
इस बार दशहरा मैदान में रावण दहन कार्यक्रम के दौरान लेजर शो और रंग बिरंगी ग्रीन आतिशबाजी भी आकर्षण का हिस्सा होगी। समिति अध्यक्ष कुलदीप कालरा ने बताया कि आतिशबाजी के लिए गाजियाबाद के कारीगरों को बुलाया जाएगा। आयोजन स्थल पर शहरवासियों के लिए सेल्फी प्वाइंट भी तैयार करवाए जाएंगे। इसके साथ ही 65 फीट रावण, 60 फीट कुंभकरण और 55 फीट मेघनाथ के पुतले समारोह के मुख्य आकर्षण रहेंगे। विजय यज्ञ, रिमोट से दहन, घूमते सिर और हाथ, लेजर शो तथा आतिशबाजी के साथ इस बार अलवर का दशहरा उत्सव कई विशेषताओं के साथ आयोजित किया जाएगा।
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