राजस्थान

स्मैक तस्करी के आरोप में पुलिस कांस्टेबल गिरफ्तार, 14 लाख रुपये बरामद

पुलिस कांस्टेबल गिरफ्तार होने के बाद 14 लाख रुपये नकद बरामद हुए। मोबाइल से कथित नशा कारोबार के साक्ष्य मिले, नेटवर्क की जांच लगातार जारी है।

By अजय त्यागी 1 min read
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आरोपी पुलिस कांस्टेबल मनोज मालव

कोटा, राजस्थान। झालावाड़ जिले के घाटोली थाने में तैनात पुलिस कांस्टेबल मनोज मालव को कथित स्मैक तस्करी के मामले में कोटा के विज्ञान नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, उसके पास से 14 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। उसके मोबाइल फोन में नशीले पदार्थों की खरीद फरोख्त से जुड़ी बातचीत के साक्ष्य भी मिले हैं। यह कार्रवाई झालावाड़ जिला विशेष टीम से मिली सूचना के आधार पर की गई। पुलिस अब बरामद नकदी के स्रोत, कथित नशीले पदार्थ की आपूर्ति और इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। [1]  [विडियो]   

सूचना पर कार्रवाई

विज्ञान नगर थाना अधिकारी राम लक्ष्मण गुर्जर के अनुसार, झालावाड़ जिला विशेष टीम ने सूचना दी थी कि पुलिस कांस्टेबल मनोज मालव नशीले पदार्थ की डिलीवरी के सिलसिले में कोटा आया है। उसके कथित रूप से नशे के कारोबार में शामिल होने की आशंका भी जताई गई थी। सूचना मिलते ही कोटा पुलिस ने कार्रवाई की और विज्ञान नगर थाना क्षेत्र से उसे हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। तलाशी के दौरान उसके पास से 14 लाख रुपये नकद मिले। पुलिस को मोबाइल फोन में नशीले पदार्थों की बिक्री से संबंधित बातचीत के साक्ष्य भी मिले हैं। मामले में जांच जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, झालावाड़ पुलिस को कांस्टेबल की गतिविधियों पर लंबे समय से संदेह था। जिला विशेष टीम प्रभारी विष्णु सिंह राजपूत ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया के निर्देश पर उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान उसके कोटा में स्मैक बेचने पहुंचने की सूचना मिली। झालावाड़ टीम ने तत्काल कोटा पुलिस को जानकारी दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले कथित रूप से नशीले पदार्थ की डिलीवरी हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, इसके बदले उसे रकम मिल चुकी थी। हालांकि, नकदी के वास्तविक स्रोत और कथित सौदे से उसके संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

जांच का दायरा

पुलिस ने मनोज मालव और अन्य लोगों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच महावीर नगर थाना अधिकारी हरेंद्र सिंह सौदा कर रहे हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित स्मैक किस व्यक्ति को पहुंचाई गई थी और इस कारोबार में कौन कौन शामिल है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या इस मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की कोई भूमिका है। फिलहाल, जांच पूरी होने से पहले किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

इस मामले में बरामद 14 लाख रुपये और मोबाइल फोन से मिले कथित साक्ष्य जांच के प्रमुख आधार हैं। पुलिस कांस्टेबल की गिरफ्तारी के बाद अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि रकम कहां से आई, कथित नशीले पदार्थ की आपूर्ति किसने की और कोटा में इसका नेटवर्क किन लोगों के जरिए संचालित हो रहा था। झालावाड़ पुलिस की सूचना पर कोटा पुलिस ने कार्रवाई की, जिससे दोनों जिलों की टीमों के बीच समन्वय की भूमिका भी सामने आई है। फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और कथित तस्करी से जुड़े सभी पहलुओं पर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अस्वीकरण (Discalimer):

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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