मृतक के खाते में जमा रकम पाने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए, नॉमिनी न होने पर क्या करें और बैंक को दावा कितने दिनों में निपटाना है, जानें पूरी जानकारी।
प्रतीकात्मक फोटो
जयपुर, राजस्थान। किसी खाताधारक की मृत्यु के बाद उसके बैंक खाते में जमा रकम समाप्त नहीं होती, बल्कि नियमानुसार दावा करने पर पात्र व्यक्ति को मिल सकती है। हालांकि, मृतक के खाते में पैसा पाने की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि नॉमिनी दर्ज है या नहीं और खाते की स्थिति क्या है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सूरजभान सिंह आमेरा के अनुसार, नॉमिनी होने से परिवार को दावा करने में आसानी होती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मृत ग्राहकों के दावों के निपटारे की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसलिए खाताधारकों को पहले से नॉमिनी दर्ज कराना चाहिए। [1] [विडियो]
यदि खाताधारक ने बैंक खाते में नॉमिनी का नाम दर्ज कराया है, तो मृत्यु के बाद नॉमिनी संबंधित बैंक शाखा में दावा पेश कर सकता है। आम तौर पर इसके लिए खाताधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र, नॉमिनी की पहचान से जुड़े दस्तावेज और बैंक का निर्धारित दावा फॉर्म देना होता है। बैंक दस्तावेजों तथा दावेदार की पहचान का सत्यापन करने के बाद लागू नियमों के अनुसार रकम जारी करता है। मृतक के खाते से राशि प्राप्त करने के लिए बैंक की ओर से बताई गई प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। कुछ बैंक निर्धारित सुविधाओं के तहत ऑनलाइन दावा भी स्वीकार कर सकते हैं।
नॉमिनी का नाम दर्ज होने से दावा प्रक्रिया सामान्यतः सरल हो सकती है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि नॉमिनी को भुगतान होने का अर्थ हर परिस्थिति में रकम पर अंतिम कानूनी स्वामित्व तय होना नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों में नॉमिनी की पहचान और खाताधारक की मृत्यु का प्रमाण सत्यापित करने पर जोर दिया गया है। खाताधारक के परिवार को बचत खाते के साथ सावधि जमा और अन्य बैंक जमाओं में भी नॉमिनी की स्थिति जांचनी चाहिए। मृतक के खाते से जुड़ी जानकारी परिवार के विश्वसनीय सदस्यों के पास होने से जरूरत के समय दस्तावेज जुटाने और बैंक से संपर्क करने में मदद मिल सकती है।
यदि मृतक के खाते में नॉमिनी दर्ज नहीं है, तो कानूनी उत्तराधिकारियों को बैंक में दावा प्रस्तुत करना होता है। ऐसी स्थिति में बैंक खाते में जमा राशि, दावा करने वालों की स्थिति और लागू नियमों के आधार पर आवश्यक दस्तावेज मांग सकता है। इनमें मृत्यु प्रमाण पत्र, दावेदार की पहचान, मृतक से संबंध का प्रमाण और जरूरत के अनुसार उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। यदि कई कानूनी उत्तराधिकारी हैं, तो बैंक उनसे सहमति, अनापत्ति प्रमाण या अन्य निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करने को कह सकता है। इसलिए दस्तावेजों की सूची संबंधित बैंक शाखा से पहले ही लेना उपयोगी है।
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों के अनुसार, मृत खाताधारक के दावे के निपटारे के लिए जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद सामान्यतः 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है। हालांकि, वास्तविक प्रक्रिया दावे की प्रकृति, दस्तावेजों की पर्याप्तता और किसी विवाद की स्थिति से प्रभावित हो सकती है। यदि दावा समय पर निपटाया नहीं जाता, तो संबंधित बैंक के शिकायत निवारण तंत्र से संपर्क किया जा सकता है। मृतक के खाते में जमा रकम पाने के लिए आवेदन जमा करते समय उसकी प्राप्ति का प्रमाण और दस्तावेजों की सूची अपने पास रखें। इससे जरूरत पड़ने पर बैंक से दावे की स्थिति पूछना आसान होगा।
अस्वीकरण (Discalimer):
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