भजन संध्या में सर्वेश वर्मा और रामम बैंड की प्रस्तुतियों पर हजारों लोग झूमे। माहेश्वरी महिला संगठन के महोत्सव में 15 को गरबा प्रतियोगिता होगी।
महिला कार्यकर्त्ता
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। रामेश्वरम में नगर माहेश्वरी महिला संस्थान के सान्निध्य में आरकेआरसी व्यास नगर माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भजन संध्या में प्रसिद्ध गायक सर्वेश वर्मा और रामम बैंड की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और महेश वंदना से हुई। इसके बाद भक्ति गीतों और संगीत की धुनों पर युवा और बुजुर्ग उत्साह से झूमते नजर आए। आयोजन को लेकर लोगों में इतना उत्साह रहा कि कार्यक्रम शुरू होने के बाद भी टिकट और पास के लिए पूछताछ जारी रही। [विडियो]
भजन संध्या के मुख्य आकर्षण सर्वेश वर्मा और उनका रामम बैंड रहे। कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान परिसर में तालियों की गूंज सुनाई दी और श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। भक्ति संगीत के साथ आधुनिक अंदाज का मेल कार्यक्रम की खासियत रहा। आरकेआरसी व्यास नगर माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्ष पल्लवी लढा ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी, विशेषकर जेन जी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। इस पहल के जरिए पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत प्रस्तुति के साथ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
नगर माहेश्वरी महिला संस्थान की अध्यक्ष वीणा मोदी ने आयोजन की सफलता का श्रेय माहेश्वरी महिलाओं की एकजुटता, समर्पण और बेहतर प्रबंधन को दिया। कार्यक्रम में भीलवाड़ा की महापौर जसवंत कंवर, उपमहापौर राधेश्याम सोमानी और चित्तौड़गढ़ सभापति अनिल इनानी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इनके अलावा कैलाश कोठारी, राधेश्याम चेचाणी, श्रीगोपाल राठी, सुरेश कचोलिया, सीमा कोगटा, शिखा भदादा, भारती बाहेती और निशा काकाणी सहित अन्य अतिथियों ने भी भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में सचिव विनीता तोषनीवाल सहित दोनों महिला संगठनों की सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।
गरबा प्रतियोगिता
महोत्सव के पहले दिन भजन संध्या के सफल आयोजन के बाद गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को दूसरे दिन क्षेत्रीय गरबा प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न क्षेत्रीय सभाओं की टीमें पारंपरिक परिधानों में गरबा और डांडिया प्रस्तुत करेंगी। आयोजकों के अनुसार, दूसरे दिन का कार्यक्रम सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने और प्रतिभागियों को अपनी कला दिखाने का अवसर देने पर केंद्रित रहेगा। पहले दिन भक्ति संगीत से गूंजा रामेश्वरम परिसर अब गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों का साक्षी बनेगा। भजन संध्या के माध्यम से शुरू हुए इस महोत्सव में संगीत, संस्कृति और महिला संगठन की सामूहिक भागीदारी प्रमुख रूप से सामने आई।
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