तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को नोटिस दिया। सेंट्रल पार्क बंद, सुरक्षा कड़ी और प्रदर्शन पर रोक के आदेश लागू।
अभिजीत दीपके को पुलिस का नोटिस
नई दिल्ली, दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने नोटिस दिया है। प्रस्तावित मार्च से पहले पुलिसकर्मी झंडेवालान स्थित उस आवास पर पहुंचे, जहां दीपके ठहरे हुए हैं। उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे प्रस्तावित लहरा दो तिरंगा कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का निर्देश दिया गया। यह घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और पार्टी नेताओं आशुतोष रांका तथा सौरव दास की न्यायिक हिरासत के विरोध में बुलाए गए प्रदर्शन से जुड़ा है। [विडियो]
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने दीपके को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत नोटिस दिया। इस प्रावधान के तहत सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देश जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं था कि दीपके को हिरासत में लिया गया है या उन्हें घर में नजरबंद किया गया है। पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि भी सामने नहीं आई। दीपके ने पहले आशंका जताई थी कि उन्हें प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया जा सकता है। आवास पर पहुंची पुलिस के सामने वह तिरंगा ओढ़े बैठे दिखाई दिए।
सीजेपी ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का आह्वान किया था। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है और आशुतोष रांका तथा सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का विरोध कर रही है। दोनों नेताओं को इस सप्ताह जंतर मंतर क्षेत्र में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और तिरंगा फहराने के मामले में पकड़ा गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, बुधवार को उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसी घटनाक्रम के बाद दीपके ने नए प्रदर्शन की घोषणा की।
प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया। इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक की जानकारी दी गई है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से प्रस्तावित जमावड़े से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के लिए उपयुक्त स्थान पर सीमित समूह को अनुमति देने की संभावना रखी जा सकती है।
इस विवाद पर 15 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी। अदालत ने सीजेपी और दीपके को प्रस्तावित मार्च करने से रोकने का आदेश देने से इनकार किया, जबकि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। इसके बावजूद, पुलिस ने दीपके को नोटिस देकर कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को कहा है और सेंट्रल पार्क बंद है। तिरंगा मार्च को लेकर अब ध्यान इस बात पर है कि आयोजक आगे क्या कदम उठाते हैं और प्रशासन व्यवस्था कैसे संभालता है। पुलिस नोटिस, निषेधाज्ञा और अदालत की टिप्पणी इस घटनाक्रम के अलग अलग पहलू हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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