फुलेरा में 500 इलेक्ट्रिक इंजन क्षमता वाला लोको शेड विकसित करने की रेल परियोजना को गजट में विशेष परियोजना घोषित किया गया है। इससे रखरखाव क्षमता बढ़ेगी।
प्रतीकात्मक फोटो
फुलेरा, राजस्थान। भारतीय रेलवे ने फुलेरा में 500 इलेक्ट्रिक इंजनों की क्षमता वाला नया इलेक्ट्रिक लोको शेड विकसित करने की परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित किया है। रेल मंत्रालय के उत्तर पश्चिम रेलवे निर्माण संगठन की अधिसूचना 9 अक्टूबर 2026 को जारी हुई और 12 अक्टूबर 2026 को राजपत्र में प्रकाशित हुई। प्रस्तावित शेड को सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया जाना है। यहां इलेक्ट्रिक इंजनों को रखने और उनके रखरखाव की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। यह घोषणा परियोजना को आधिकारिक दर्जा देती है, लेकिन इससे निर्माण शुरू होने या पूरा होने की तारीख की पुष्टि नहीं होती। [विडियो]
राजस्थान में इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की मौजूदा व्यवस्था के लिहाज से जोधपुर स्थित भगत की कोठी लोको शेड महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वहां करीब 200 इलेक्ट्रिक इंजन रखे गए हैं। इस लोको शेड की स्थापना 1972 में मीटरगेज डीजल इंजनों के लिए हुई थी। वर्ष 1996 में इसे ब्रॉडगेज डीजल इंजनों के अनुरूप उन्नत किया गया। इसके बाद 2023 में इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव के लिए सुविधाएं विकसित की गईं। रेलवे में इलेक्ट्रिक इंजनों की संख्या बढ़ने के साथ रखरखाव और उन्हें रखने की क्षमता का विस्तार जरूरी हो गया है। इसी जरूरत को देखते हुए फुलेरा परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भगत की कोठी में मौजूद इंजनों के विवरण के अनुसार वहां 85 यात्री ट्रेन इंजन, 103 मालगाड़ी इंजन और 12 अमृत भारत एक्सप्रेस के यात्री इंजन शामिल हैं। भारतीय रेलवे हर साल 1600 से अधिक नए इलेक्ट्रिक इंजन तैयार कर रहा है। बढ़ते बेड़े के लिए रखरखाव की अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करना रेलवे की परिचालन जरूरतों से जुड़ा विषय है। प्रस्तावित इलेक्ट्रिक लोको शेड में 500 इंजनों की क्षमता निर्धारित की गई है। इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित करने की योजना है। हालांकि, परियोजना की अनुमानित लागत, निर्माण की समयसीमा और संचालन शुरू होने की तारीख की जानकारी उपलब्ध तथ्यों में नहीं दी गई है।
फुलेरा जंक्शन दिल्ली, अहमदाबाद और मुंबई से जुड़े प्रमुख रेलमार्गों के बीच महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां से राजस्थान के कई प्रमुख क्षेत्रों और बड़े रेल जंक्शनों के लिए रेल संपर्क उपलब्ध है। फुलेरा पश्चिमी समर्पित माल गलियारे से भी जुड़ा हुआ है। इस रेल संपर्क के कारण प्रस्तावित इलेक्ट्रिक लोको शेड का स्थान परिचालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। परियोजना विकसित होने पर 500 इलेक्ट्रिक इंजनों को रखने और उनके रखरखाव की क्षमता वाला नया केंद्र उपलब्ध हो सकेगा। फिलहाल केंद्र सरकार की अधिसूचना परियोजना से जुड़ा आधिकारिक कदम है। निर्माण कार्य, लागत और संचालन की समयसीमा के बारे में आगे की जानकारी सामने आने पर इसकी प्रगति स्पष्ट होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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