भरका माता पदयात्रा में विधायक अशोक कोठारी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण, शांति और सद्भाव की कामना की। गौवंश को लापसी खिलाकर गौसेवा का संकल्प निभाया
भरका माता पदयात्रा
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। भरका माता पदयात्रा विधायक अशोक कुमार कोठारी के नेतृत्व में भीलवाड़ा से भरका माता मंदिर तक निकाली गई। 17 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण, शांति, सद्भाव और सामाजिक समरसता की कामना की। अरावली की पहाड़ियों के बीच मौन रहकर पूरी की गई इस यात्रा में श्रद्धालुओं ने सर्वकल्याण की प्रार्थना की। भरका माता मंदिर पहुंचकर दर्शन किए गए और गौवंश को शुद्ध घी से बनी लापसी खिलाई गई। आयोजन के माध्यम से जीवमात्र के प्रति दया, करुणा और सेवा का संदेश दिया गया। [विडियो]
भरका माता पदयात्रा का शुभारंभ नवकार कॉम्प्लेक्स के बाहर भरका माता और गौमाता के जयकारों के साथ हुआ। यहां से पदयात्री कारोई स्थित विनायक विद्या पीठ पहुंचे। इसके बाद धन्नाजी का खेड़ा गांव से निधि वन होते हुए भरका माता मंदिर तक जंगल और पहाड़ी मार्गों से मौन यात्रा पूरी की गई। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। मार्ग में पड़ने वाले गांवों के ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। लाखोला गांव में भी ग्रामीणों ने आत्मीयता और उत्साह के साथ पदयात्रियों का अभिनंदन किया।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने संपूर्ण विश्व के कल्याण, समाज में शांति और सद्भाव की स्थापना तथा पशु पक्षियों सहित गौवंश के सुख और समृद्धि की कामना की। विधायक अशोक कुमार कोठारी के नेतृत्व में निकली भरका माता पदयात्रा के माध्यम से आपसी विश्वास, भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। पदयात्रा में संतलाल दास महाराज, लक्ष्मी नारायण डाड, डॉ देवेंद्र कुमावत, विश्वनाथ प्रताप सिंह, डॉ राजकुमार चतुर्वेदी, भगवान सिंह चौहान, आनंद चपलोत, गौतम कोठारी, राकेश कोठारी, अंशुल कोठारी और विकास कोठारी सहित कई श्रद्धालु शामिल हुए।
भरका माता पदयात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद गौशाला में गौवंश को शुद्ध घी से निर्मित लापसी खिलाई गई। यात्रा में नवीन खंडेलवाल, राजेश रांका, दिनेश लक्षकार, शोभालाल जीनगर, आजाद शर्मा, ज्ञान प्रकाश नाहर, सत्यनारायण गुग्गड़, छितरमल गेंगट, राजकुमार ईनाणी, केदार जागेटिया, कैलाश जीनगर, बहादुर सिंह, संजय राठी, गजेंद्र सिंह राठौड़, सुरेंद्र जैन, दिनेश सुथार, पृथ्वीराज सिंह चौहान, प्रिंस जैन, अजय पाराशर, रचित रांका और विनोद मीणा सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन में गौसेवा और जीवमात्र के कल्याण के प्रति समर्पण का भाव प्रमुख रहा।
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