राजस्थान

ब्रेन एन्यूरिज्म उपचार में सफलता, विशेषज्ञों ने अपनाई कोइलिंग तकनीक

कोटा के एमबीएस अस्पताल में ब्रेन एन्यूरिज्म उपचार के तहत 51 वर्षीय मरीज की जटिल प्रक्रिया निःशुल्क सफल रही। विशेषज्ञों ने कोइलिंग तकनीक अपनाई।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। एमबीएस अस्पताल में ब्रेन एन्यूरिज्म उपचार के तहत दिमाग की नस में बने गंभीर उभार का सफल इलाज किया गया। 51 वर्षीय मरीज की नस में बने एन्यूरिज्म के फटने से सबअरैक्नॉइड हैमरेज हुआ था, जो जानलेवा स्थिति मानी जाती है। न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने एंडोवैस्कुलर कोइलिंग तकनीक से उपचार किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पूरी प्रक्रिया निःशुल्क की गई। इस सफलता से मरीज को राहत मिली है और उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई गई है। फिलहाल उसे आगे की निगरानी के लिए न्यूरो आईसीयू में रखा गया है।  [विडियो]

जांच में खुलासा

दादाबाड़ी की उड़ीया बस्ती निवासी दीपक विश्वास को 11 अक्टूबर को सिरदर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत पर एमबीएस अस्पताल के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था। दिमाग की नसों की जांच में मिडिल सेरेब्रल आर्टरी यानी एमसीए में 2 उभार वाला एन्यूरिज्म सामने आया। इसके बाद 14 अक्टूबर को मरीज को न्यूरोसर्जरी विभाग में स्थानांतरित किया गया और आवश्यक जांच के साथ ब्रेन इमेजिंग कराई गई। जांच में बाईं एमसीए के बाइलोब्ड एन्यूरिज्म के फटने से सबअरैक्नॉइड हैमरेज की पुष्टि हुई। इसके बाद विशेषज्ञों ने तत्काल उपचार की तैयारी की।

जटिल प्रक्रिया सफल

ब्रेन एन्यूरिज्म उपचार के लिए मरीज को न्यूरो आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया। स्थिति की गंभीरता और संभावित जोखिमों को देखते हुए परिजनों की सहमति से एंडोवैस्कुलर कोइलिंग तकनीक अपनाने का निर्णय लिया गया। 15 अक्टूबर को न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एस.एन. गौतम के नेतृत्व में डॉ. दिलीप माहेश्वरी, डॉ. बनेश जैन और सुनीता की टीम ने प्रक्रिया पूरी की। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. शिल्पी जैन ने किया। अस्पताल के अनुसार, यह जटिल प्रक्रिया सफल रही। उपचार के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बनी हुई है।

मरीज की स्थिति स्थिर

ब्रेन एन्यूरिज्म उपचार के बाद दीपक विश्वास को आगे की निगरानी के लिए न्यूरो आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर है। इस दौरान चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर रख रही है। मरीज के परिजनों ने उपचार के लिए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। दिमाग की नस में एन्यूरिज्म का फटना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है, इसलिए ऐसे मामलों में विशेषज्ञों की निगरानी और समय पर उपचार महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में जांच के बाद चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति के अनुरूप उपचार पद्धति चुनी।

कोटा में उपचार सुविधा

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एमबीएस अस्पताल का न्यूरोसर्जरी विभाग इस तरह की जटिल ब्रेन कोइलिंग प्रक्रियाएं कर रहा है। पहले ऐसे मामलों में मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था। कोटा में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से संभाग और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को लाभ मिल सकता है। इस मामले में ब्रेन एन्यूरिज्म उपचार पूरी तरह निःशुल्क किया गया, जिससे मरीज और उसके परिवार को आर्थिक राहत मिली। अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाएं गंभीर न्यूरोसर्जरी संबंधी मामलों के उपचार में स्थानीय स्तर पर विकल्प प्रदान कर रही हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

 

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