लॉरेंस बिश्नोई को साहब कहने वाला पुराना वीडियो वायरल होने पर दिल्ली पुलिस ने सफाई दी। अधिकारी ने इसे जुबान फिसलने की घटना बताया है।
लॉरेंस बिश्नोई
नई दिल्ली, दिल्ली। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को प्रेसवार्ता के दौरान साहब कहकर संबोधित करने वाले दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी का पुराना वीडियो दोबारा चर्चा में है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह वीडियो सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किया और पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो करीब एक साल पुराना है और इसका मौजूदा परिस्थितियों से संबंध नहीं है। पुलिस के अनुसार, संबोधन में सम्मानसूचक शब्द का इस्तेमाल अनजाने में जुबान फिसलने के कारण हुआ था। यह वीडियो अब फिर चर्चा में है। [1] [Video]
वीडियो में तत्कालीन पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अभिषेक धनिया एक प्रेसवार्ता के दौरान लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेते हुए साहब शब्द कहते सुनाई देते हैं। यह प्रेसवार्ता अगस्त 2025 में कथित वसूली के एक मामले के संबंध में हुई थी। वीडियो उस समय भी चर्चा में आया था और अब फिर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इसकी दोबारा चर्चा ऐसे समय हुई जब मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े गोलीबारी के मामले के बाद बिश्नोई गिरोह के नाम से एक संदेश सामने आया। उस संदेश की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है।
अभिजीत दीपके ने वीडियो साझा करते हुए पुलिस के व्यवहार की आलोचना की। उनका सवाल था कि यदि पुलिस गैंगस्टर के लिए सम्मानसूचक भाषा इस्तेमाल कर सकती है, तो प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ भी वैसा ही व्यवहार क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पुलिस को उनके साथ संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। दीपके ने एक अन्य पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि पुलिस को विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं के बजाय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। ये टिप्पणियां उनके आरोप और विचार हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि वायरल वीडियो पुराना है और मौजूदा घटनाक्रम से उसका कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने लोगों से इस क्लिप को अनावश्यक महत्व नहीं देने की बात भी कही। अधिकारी द्वारा लॉरेंस बिश्नोई को साहब कहे जाने पर पुलिस का कहना है कि यह जानबूझकर किया गया संबोधन नहीं था, बल्कि बोलते समय जुबान फिसल गई थी। वीडियो में दिखने वाले अधिकारी अभिषेक धनिया को बाद में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के पद पर पदोन्नत किया गया। पुलिस की सफाई के बाद भी सोशल मीडिया पर अधिकारी की भाषा और प्रदर्शनकारियों के प्रति व्यवहार को लेकर बहस जारी है।
वीडियो के दोबारा सामने आने से पुलिस की भाषा और प्रदर्शनकारियों के साथ उसके व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो अगस्त 2025 की प्रेसवार्ता का है और इसे वर्तमान घटनाओं से जोड़ने का कोई पुष्ट आधार सामने नहीं आया है। टाइगर श्रॉफ से संबंधित गोलीबारी के बाद सोशल मीडिया पर बिश्नोई गिरोह से जुड़ा होने का दावा करने वाला संदेश भी सामने आया, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। ऐसे में वायरल क्लिप, सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप और पुलिस की सफाई को अलग-अलग तथ्यों के रूप में देखना जरूरी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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